बहन के प्रेम विवाह से खुश नहीं था दोषी
शराब के बहाने बुलाकर दिया था वारदात को अंजाम, हत्या के बाद शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया था
सचिन कुमार
गुरुग्राम। दो साल पहले प्रेम विवाह करने वाली अपनी बहन के पति की हत्या करने वाले युवक और उसके दो साथियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
19 मार्च 2022 को रेलवे ट्रैक के पास थाना जीआरपी पुलिस को एक युवक शव मिला था। शव पर भारी पत्थर रखे हुए पाए गए थे। शव पूरी तरह से छत विछत हो चुका था और चेहरे पर फंगल संक्रमण फैल गया था। बाद में शव की पहचान रोहित कुमार नामक व्यक्ति ने अपने भाई मोहित कुमार के रूप में की थी। रोहित ने बताया कि मोहित पिछले कई दिनों से लापता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित की मौत का कारण गंभीर चोटें लगना और गला दबाने की बात सामने आई थी।
पुलिस ने इस मामले में मोहित की पत्नी सीमा के बयान पर एफआईआर दर्ज की थी। सीमा ने पुलिस को बताया कि उसने और मोहित ने प्रेम विवाह किया था। सीमा ने यह भी बताया कि उसने मोहित को आखिरी बार अपने भाई मनजीत उर्फ सीटू के साथ राजपुरा रोड के पास एक शराब की दुकान पर देखा था। इसके बाद 13 अप्रैल 2022 को पुलिस ने मनजीत को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी मनजीत ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी बहन अक्सर कहती थी, कि मोहित उसे खुश नहीं रखता है। वह मोहित और सीमा के प्रेम विवाह से पहले ही खुश नहीं था। ऐसे में वह मोहित से दुश्मनी रखने लगा।
पुलिस जांच में पता चला कि 15 मार्च 2022 को मनजीत की बहन सीमा ने उसे फोन किया और घर बुलाया था। क्योंकि बहन सीमा और मोहित का झगड़ा हुआ था। मनजीत अपने दोस्त झज्जर निवासी अनिकेश उर्फ साहिल के साथ मोहित के घर पहुंचा। वहां मोहित ने उन्हें गाली देना शुरू कर दिया। इसके बाद, मनजीत ने अपने दोस्त अनिकेश उर्फ साहिल और पटौदी निवासी मनीष के साथ मिलकर मोहित को शराब पीने के लिए बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी।