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किडनी कांड : सरकार ने क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच

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जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किए दोनों डाक्टरों को अदालत में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया
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पुलिस इस मामले में अब 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है

मयंक तिवारी

गुरुग्राम। किडनी कांड में अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के उल्लंघन की धारा जुड़ने के बाद प्रदेश सरकार ने जांच क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दी है। इससे पहले मामले की जांच सर्कल थाना पुलिस व एसीबी कर रही थी। सर्कल थाना पुलिस ने सभी रिकार्ड व गिरफ्तार फोर्टिस के दोनों डाक्टरों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध श्रीमण मीणा को सौंप दिया है।
जयुपर पुलिस ने जांच के दौरान रिश्वत लेकर ऑर्गन ट्रांसप्लांट की फर्जी एनओसी जारी करने के मामले में फोर्टिस अस्पताल के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था। फोर्टिस अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ भानू लववंशी उर्फ भानू प्रताप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को डॉक्टरों के बारे में कई जानकारियां मिली थीं।
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जयपुर पुलिस ने तीन अस्पतालों के डॉक्टरों से 6 घंटे अलग-अलग पूछताछ की थी। इसके बाद सर्जन संदीप गुप्ता और जितेन्द्र गोस्वामी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि दोनों डॉक्टर किराये के मकानों में मरीज देखने जाते थे।

डॉक्टर जितेन्द्र गोस्वामी फोर्टिस से पहले मणिपाल अस्पताल में काम करते थे । मणिपाल का लाइसेंस रिन्यू नहीं होने पर सितंबर 2023 में जितेन्द्र गोस्वामी ने फोर्टिस जॉइन कर लिया था। डॉक्टर जितेन्द्र और संदीप गुप्ता ही फोर्टिस में ऑर्गन ट्रांसप्लांट किया करते थे। जानकारी में यह भी आया है कि इन लोगों को कई अन्य डॉक्टरों की जानकारी भी है। जो ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। जयपुर पुलिस ने रविवार को दोनों डाक्टरों को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। इससे पहले पुलिस इस मामले में अब 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

दोनों सर्जनों से एसीबी कर चुकी है पूछताछ

एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम करीब 25 दिन पहले ही डॉक्टर संदीप गुप्ता और जितेन्द्र गोस्वामी से पूछताछ कर चुकी है। उस दौरान भ्रष्टाचार अधिनियम के दायरे से दोनों डॉक्टर बाहर थे। मामले की जांच में जयपुर पुलिस की ओर से अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के उल्लंघन की धारा जोड़ने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

जिस फ्लैट में रखते थे मरीज वहां पर होगी निशानदेही

पैसा कमाने के चक्कर में दोनों डाक्टरों की आपरेशन थियेटर की निशानदेही के साथ जिस फ्लैट में उनकी देख भाल होती थी वहां पर भी निशानदेही की जाएगी। भानू के बयान के बाद ही दोनों डाक्टरों को शनिवार की देर रात गिरफ्तार किया गया था।
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वर्जन

प्रदेश सरकार के आदेश के बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। मामले की जांच कर रही एजेंसी की ओर से दस्तावेज व दोनों डाक्टरों को सौंपा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान डाक्टरों से पूछताछ व निशानदेही कराई जाएगी। - श्रीमण मीणा, अतिरिक्त पुलिस उयायुक्त, अपराध, जयपुर।
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