सरकार की मंजूरी के बाद जमीन की तलाश भी हुई पूरी, 80 सोसाइटी, 35 गांव के पांच लाख से ज्यादा थे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेड़की दौला टोल के कारण रोजाना परेशानी झेलने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। खेड़की दौला टोल को अब करीब दस किलोमीटर दूर पचगांव के पास स्थानांतरित कर दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से यहां बसी 80 सोसाइटियों और 35 गांव की करीब पांच लाख की आबादी को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
इस टोल को स्थानांतरित किए जाने से न केवल दिल्ली-जयपुर हाईवे के इस प्वाइंट पर आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों का टोल भी बचेगा। इसका एक फायदा यह भी होगा कि अब आईएमटी मानेसर स्थित कंपनियों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी समय से अपने संस्थान पहुंच सकेंगे। इसके अलावा दिल्ली से मानेसर के बीच सफर करने वालों का टोल भी बचेगा।
टोल को पंचगांव में स्थानांतरित किए जाने के लिए हरियाणा राज्य उद्योग और संरचात्मक विकास कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) ने गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी को 30 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। जीएमडीए ने इस जमीन को अपने अधीन लेने के लिए पटवारी और जेई की जिम्मेदारी तय करने के लिए एचएसआईआईडीसी को पत्र लिखा है।
बीस साल पहले बनाया गया था टोल
वर्ष 2003 में दिल्ली-जयपुर हाईवे बनने के बाद दिल्ली गुरुग्राम सुपर कनेक्टिविटी द्वारा यह टोल शुरू किया गया था। जब से टोल बना है, तब से इसको हटाने के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। सेक्टर 82 से 95 तक की बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों को इससे दिक्कत आ रही है। कई बार लोगों ने इसको लेकर जाम लगाया, धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक भी की है।
टोल हटाने को डाली गई थी जनहित याचिका
एक यूनाइटेड आरडब्ल्यूए एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण मलिक बताते हैं कि इस संदर्भ में हरियाणा और पंजाब हाई कोर्ट में उन्होंने एक जनहित याचिका दायर की थी। पचगांव में हरियाणा सरकार का 1184 एकड़ जमीन का फर्टटाइल वर्सेज हरियाणा स्टेट विवाद चल रहा था। उसी केस में उन्होंने 20 जनवरी 2019 को एक जनहित याचिका दायर की थी। 30 अक्तूबर 2019 को हाई कोर्ट ने आदेश दिया टोल के लिए 50 एकड़ जमीन फ्री कर दिया जाए। मगर जिस जमीन को मुक्त किया जाना था। उसमें भी तीन जगह छोटे-छाेटे विवाद थे। कोर्ट ने एक हाईपावर कमेटी बनाई थी। इसमें एचएसआईआईडी के एमडी अध्यक्ष थे। हाई पावर कमेटी, स्थानीय विधायक राकेश दौलताबाद के काफी प्रयास और कई सुनवाई के बाद तीन लिटिगेशन में से दो विवाद खत्म हो गए। इसके बावजूद प्वांइट चार एकड़ जमीन का एक विवाद, जो सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन था, वह रह गया।
कहीं चुनावी मुद्दा ही न बनकर रह जाए
प्रवीण मलिक कहते हैं कि 30 मार्च 2021 को जीएमडीए ने एक ऐसी ही चिट्ठी जारी की थी, जैसी अभी जारी हुई है। अब तकनीक बाधाएं खत्म हो चुकी है। राजनीतिक पेंच फंस गया है। ऐसे में इच्छाशक्ति दृढ होती तो एनएचएआई के साथ मिलकर जीएमडीए वर्ष 2021 में ही टोल पचगांव शिफ्ट कर चुका होता। यह मामला चुनावी मुद्दा मात्र ही बनकर न रह जाए। इस बार देखना यह है कि एनएचआई जीएमडीए के इस पत्र के बाद कितनी त्वरित कार्रवाई करता है।
प्वाइंटर
- वर्ष 2003 में बनाया गया था खेड़की दौला टोल। पहले 21 रुपये टोल टैक्स था। इसके बाद सरहौल टोल हटने के बाद इसे 55 रुपये कर दिए गए। मौजूदा समय में एक चार पहिया वाहन चालक को यहां से गुजरने के लिए अभी करीब 80 रुपये का टोल चुकाना पड़ता है।
- इस टोल से रोजाना करीब 85 हजार वाहन गुजरते हैं।
- इस टोल के पास 80 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और 35 गांव हैं। एक सर्वे के अनुसार यहां 10.5 लाख आबादी रहती है। मगर करीब 20 लाख आबादी को यह टोल प्रभावित कर रहा है।
- दिल्ली गुरुग्राम से मानेसर जाने वाले आईडीसी मानेसर के उद्योगों से जुड़े लोग भी है प्रभावित ।
- मानेसर के उद्योग और मानेसर की बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों इससे प्रभावित रही है।
- टोल हटाने के लिए वर्ष 2015 से काफी संघर्ष चल रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसे हटाए जाने की घोषणा कर चुके हैं।
लोगों ने कहा
यह हमारे संघर्ष की सफलता है। टोल हटे तो लाखों लोगों को फायदा मिलेगा मगर ऐसे पत्र पहले भी जारी हुए हैं। कहीं यह केवल चुनावी प्रचार का मुद्दा न बनकर रह जाए। - प्रवीण मलिक, अध्यक्ष यूनाइटेड आरडब्ल्यूए एसोसिएशन ऑफ न्यू गुरुग्राम
एचएसआईआईडीसी ने जीएमडीए को जमीन उपलब्ध करा दी है। अब जीएमडीए इसे एनएचएआई को दे दे और कोई कानूनी अड़चन नहीं आए यहीं उम्मीद कर रहे हैं। खेड़की दौला टोल के हटने से लाखों लोगों को फायदा होगा।- याशीष यादव, अध्यक्ष द्वारका एक्सप्रेस वे आरडब्ल्यूए एसोसिएशन
खेड़की दौला टोल के 20 साल हो गए। टोल कंपनी से 20 साल का ही करार था। अब तो टोल को शिफ्ट किया जाना भी गलत है। अब तो टोल को आगे बढ़ाया जाना भी गैर कानूनी है। - मनोज त्यागी, महासचिव आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
हर बार चुनाव से पहले यह घोषणा होती है मगर सरकार कभी एनएचएआई तो कभी किसी और के सिर पर टोल हटाने का मुद्दा मढ़ देती है। मानेसर में वर्ल्ड क्लास उद्योग हैं मगर अच्छे कर्मी यहां इस लिए नहीं आना चाहते क्योंकि टोल पर रोजाना आधा पौना घंटा यहां खराब होते हैं। - राजेश गुप्ता, प्रेसिडेंट मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
टोल हटाए जाने से निश्चित रूप से मानेसर उद्योग के उद्यमियों, श्रमिकों और वहां रहने वाले लाखों निवासियों को फायदा होगा। लोग जाम में फंसते थे। टोल को पहले हटा दिया जाना चाहिए था। -दीपक मैनी, प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज
अधिकारी ने कहा
एचएसआईआईडीसी ने जीएमडीए को खेड़की दौला टोल के लिए 30 एकड़ जमीन ऑफर की है। इसको अपने अधीन लेने के लिए जीएमडीए ने एचएसआईआईडीसी को पत्र लिखा होगा। मैंने अभी वह पत्र नहीं देखा मगर सरकार की सोच है कि टोल पंचगांव शिफ्ट किया जाए और इसके लिए एचएसआईआईडीसी जीएमडीए को पंचगांव में 30 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है।
- यश गर्ग, एमडी, एचएसआईआईडीसी