फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुमंत्र : शिक्षण में नए तरीकों को अपनाना जरूरी

विज्ञापन
प्रीति अहुजा पीआरटी। गुरुमंत्र के लिए
विज्ञापन
शिक्षक का कार्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को भी आकार देता है। बदलते समय और तकनीक के दौर में शिक्षकों के लिए शिक्षण के नए तरीकों को अपनाना जरूरी हो गया है। नियमित प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक अपने ज्ञान और कौशल को बेहतर बना सकते हैं। विषय की गहरी समझ के साथ रोचक गतिविधियों और तकनीक का प्रयोग विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ाता है। इससे उनमें सवाल पूछने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित होती है। कक्षा में संवादात्मक और रचनात्मक माहौल बनाकर शिक्षक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने का अवसर दे सकते हैं। हर विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और रुचि अलग होती है, इसलिए शिक्षकों को पढ़ाने के तरीकों में भी बदलाव करते रहना चाहिए। एक संवेदनशील और प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। यही गुण उन्हें भविष्य में बेहतर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। -प्रीति अहुजा, लायंस पब्लिक स्कूल, सेक्टर-102, गुरुग्राम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें