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कब थमकेगा कुत्तों का आतंक: गुरुग्राम में 1670 लोगों को काटा, कोर्ट में दिए हलफनामे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Tue, 06 Jun 2023 06:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

लोगों का कहना है कि लावारिस कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की घटनाओं में वृद्धि होने का एक बड़ा कारण डॉग लवर भी हैं। यह लोग कुत्तों को खाना डालने के लिए सोसाइटी, कॉलोनी, मुख्य बाजार यहां तक की मुख्य मार्ग तक को भी नहीं छोड़ते। 
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डॉग अटैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम में 1600 से ज्यादा लोग कुत्तों के आतंक का शिकार हो चुके हैं। इन पर लावारिस कुत्तों ने हमला किया है। यह बात नगर निगम की ओर से उच्च न्यायालय में दाखिल किए गए हलफनामे में कही गई है जबकि नगर निगम ने अब तक 17000 से अधिक लावारिस कुत्तों का टीकाकरण किया है। इसके बाद भी सड़कों पर इन कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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कुत्तों का आतंक कम करने के लिए नगर निगम ने अब तक क्या-क्या उपाय किए हैं, इसको अदालत के समक्ष रखने के लिए उच्च न्यायालय ने 28 अगस्त को नगर आयुक्त को स्वयं हाजिर होकर इस संबंध में अवगत कराने के लिए कहा है। इससे पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने शहर में लावारिस कुत्तों के काटने की संख्या में बढ़ोतरी के बाद भी नगर निगम द्वारा लावारिस कुत्तों के खतरे को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को छलावा करार दिया था।

न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज ने नगर निगम आयुक्त को 28 अगस्त को सुनवाई की अगली तारीख पर उपस्थित होने को कहा है। नगर निगम ने अदालत में दिए हलफनामे में कहा है कि उनके रिकॉर्ड में शहर में 17 हजार लावारिस कुत्ते हैं, इनमें से पिछले तीन साल में 17195 कुत्तों का टीकाकरण हो चुका है। कुत्ता काटने की 1670 घटनाएं नगर निगम में दर्ज हैं।

डॉग लवर भी हैं एक बड़ा कारण
लोगों का कहना है कि लावारिस कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की घटनाओं में वृद्धि होने का एक बड़ा कारण डॉग लवर भी हैं। यह लोग कुत्तों को खाना डालने के लिए सोसाइटी, कॉलोनी, मुख्य बाजार यहां तक की मुख्य मार्ग तक को भी नहीं छोड़ते। इनसे मना करने पर वह लड़ाई तक पर उतारू हो जाते हैं। कई सोसाइटियों में तो कुत्तों को खाना खिलाने के नाम पर ही दो गुट बन जाते हैं। मुख्य बाजारों और सड़कों पर खाने के लिए लावारिस कुत्तों का पूरा झुंड एक साथ वहां पहुंचता है। इस दौरान अगर कोई अन्य व्यक्ति वहां से गुजर रहा हो तो कई बार यह लावारिस कुत्ते उसे काट लेते हैं।
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कुत्तों का व्यवहार कई कारणों से हिंसक हो सकता है। लावारिस कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण का कार्य किया जाता है। हमारी शहर के लोगों से अपील है कि अगर उनके इलाके में कहीं कुत्तों के हिंसक होने की घटनाएं हो रही हैं, तो हमें सूचित करें। हम ऐसे कुत्तों का पुनर्वास करेंगे। -डॉ. आशीष सिंगला, सीएमओ नगर निगम
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