गुरुग्राम। सेक्टर-57 स्थित अलोहा कॉन्डोमिनियम सोसाइटी में हुए अवैध निर्माण को जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) ने मंगलवार को बेहद सावधानी पूर्वक ध्वस्त कर दिया। डीटीपी ने कहा कि इस ध्वस्तीकरण के साथ ही सोसाइटियों के अंदर डेवलपर्स आदि के द्वारा किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। अन्य सोसाइटियों में भी अभियान चलाया जाएगा।
अलोहा कॉन्डोमिनियम परिसर में मौजूदा समय में 250 परिवार रह रहे हैं। यहां पर परिसर में बिल्डर द्वारा किए गए अवैध निर्माण के संबंध में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) व अन्य नागरिकों ने भी शिकायतें दी थीं। यहां पर ग्रुप हाउसिंग होने के चलते अवैध निर्माण को ध्वस्त करना एक चुनौती था। इसके लिए अवैध निर्माण वाले हिस्से में डिवाइडर के रूप में बनाई गई दीवारों को कमजोर किया गया। दरवाजे की तरह खुलाने वाली खिड़कियों को हटाया गया। यह काम बेहद सावधानी से किया गया। इसके अलावा टॉवर-बी4, बी5 और डी6 के स्टिल्ट एरिया में डेवलपर की बनाई 5 इकाइयों को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
डीटीपी अमित मधोलिया ने बताया कि इन इकाइयों का निर्माण भवन योजनाओं के अनुमोदन के बिना किया गया था। इसके अलावा अलोहा में इन टावरों का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट भी आज तक डेवलपर ने हासिल नहीं किया गया है। यह पाया गया कि डेवलपर ने लेआउट योजना के अनुसार 18 मीटर चौड़ी स्वीकृत सड़क के बीच एक दीवार बना दी, जिसे अब ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य सोसाइटियों में भी जहां से इस प्रकार की शिकायतें मिल रही हैं , वहां भी ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।