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Gurugram News: खिलाड़ी कैसे भरें उड़ान... बारिश में तालाब बन जाते हैं खेल के मैदान

Sat, 24 Jun 2023 06:22 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
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साइबर सिटी में खेल के इंतजामों का बुरा हाल,
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तीन साल में नहीं मिल पाया स्वीमिंग पूल
कंडम घोषित किए जाने के बावजूद आठ साल से नहीं बदली हॉस्टल व्यवस्था
प्रवीन कुमार

गुरुग्राम। एक तरफ सरकार खिलाड़ियों से ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का परचम फहराने की उम्मीद कर रही है। वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों को आधुनिक खेल संसाधन व बेहतर खेल मैदान नहीं मिलने के कारण वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। गुरुग्राम में खेल विभाग के खेल संसाधनों व मैदानों की हालत काफी बदहाल हैं। ऐसे में खिलाड़ी पदक जीतने के लिए कैसे तैयार किए जा सकेंगे। मामूली बारिश से ही शहर के सिविल लाइंस स्थित नेहरू स्टेडियम के मैदान तालाब की तरह बारिश के पानी से भर जाते हैं, जिनको सूखने में कई दिनों का समय लगता है।


हार्वेस्टिंग सिस्टम खराब
नेहरू स्टेडियम के मैदानों में बारिश का पानी भरा रहने का मुख्य कारण पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होना है। नेहरू स्टेडियम सड़कों की अपेक्षा काफी नीचा है। इससे स्टेडियम के बाहर बारिश का पानी नहीं निकल पाता। स्टेडियम में बनाए गए हार्वेस्टिंग सिस्टम भी खराब स्थिति में हैं, जिस वजह से स्टेडियम के मैदानों से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो रही। बारिश का पानी मैदानों में भरा होने के कारण तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। इन मैदानों को सूखने में कई दिनों का समय लगता है।
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एक दशक के इंतजार के बाद बन रहा नया हॉकी मैदान
नेहरू स्टेडियम में एक दशक से अधिक समय से हॉकी मैदान के एस्ट्रोटर्फ को बदलने की मांग की जा रही थी। पुराने हॉकी मैदान में बारिश का पानी भर जाता था। वहीं दिसंबर-2003 में नेहरू स्टेडियम में बनाए हॉकी मैदान का एस्ट्रोटर्फ भी काफी खराब हो चुका था। एस्ट्रोटर्फ पर खेलते समय खिलाड़ी चोटिल हो जाते थे। यहां पर एस्ट्रोटर्फ वर्ष-2010 या 2011 में बदला जाना था । 12 साल बाद अब 7.79 करोड़ रुपये की लागत से नया हॉकी मैदान तैयार किया जा रहा है। हॉकी मैदान स्टेडियम में ढाई फीट ऊंचा बनाया जा रहा है, ताकि बारिश का पानी यहां जमा ना हो सकें।


हॉस्टल की सुविधा नहीं
नेहरू स्टेडियम के हॉस्टल को कई साल पहले कंडम घोषित किया जा चुका है। लेकिन अभी तक उक्त इमारत को तोड़ने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वर्ष-2015 से पहले इस हॉस्टल में एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक, हॉकी व वॉलीबॉल के 64 खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था थी। वर्तमान में जिला खेल कार्यालय की इमारत के ऊपर बने कमरों में वॉलीबॉल आवासीय अकादमी में खिलाड़ियों के ठहरन की व्यवस्था की गई है। जिला खेल विभाग के पास हॉस्टल की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां प्रतियोगिताओं में आने वाले खिलाड़ियों को स्कूलों में ठहराया जाता है।


टेंडर होने के बावजूद नहीं बना स्वीमिंग पूल
गुरुद्वारा रोड पर कमला नेहरू पार्क में नगर निगम की ओर से स्वीमिंग पूल बनाया जाना है। जोकि जिला खेल विभाग द्वारा संचालित किया जाना है। अगस्त-2020 में यहां स्थित पुराने स्वीमिंग पूल को तोड़कर बनाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन तीन बार टेंडर होने के बावजूद नए स्वीमिंग पूल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यहां आठ लेन और 50 मीटर लंबा इनडोर स्वीमिंग पूल बनना है, ताकि पूरे वर्ष यहां पर खिलाड़ी तैराकी का अभ्यास कर सकें। नया स्वीमिंग पूल कब तक तैयार होगा, इसके बारे में गुरुग्राम नगर निगम के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। खिलाड़ियों को निजी अकादमी में महंगी फीस जमा कराकर या फिर दिल्ली जाकर तैराकी का अभ्यास करना पड़ता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी:
हॉकी का नया मैदान बनाया जा रहा है। नेहरू स्टेडियम के अन्य मैदानों में भी मिट्टी डलवाकर ऊंचा कराया जाएगा। जिससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से न जूझना पडे़। हॉस्टल को कंडम घोषित किया जा चुका है। विभाग की ओर से आगामी आदेश जारी होने के बाद ही इसको तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नई इमारत बनाई जाएगी। - संधु बाला, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, गुरुग्राम।
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