गुरुग्राम। मानेसर में एम वन ब्लॉक में डीएलएफ के एक्सप्रेस ग्रींस प्रोजेक्ट के इंडिपेंडेंट फ्लोर्स के खरीदार घर 17 साल से घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। 2009 से घर का इंतजार कर थक चुके खरीदारों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य न्यायाधीश राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत तमाम अधिकारियों से गुहार लगाई है। इस प्रोजेक्ट के एक खरीदार अंकेश सुरिंदर और सुधा शिवन्ना ने बताया कि वर्ष 2009 में उन्होंने पूरी रकम चुकाकर इस प्रोजेक्ट में अपना फ्लैट बुक किया। 2012 में उन्हें घर मिल जाना था लेकिन तीन साल तक पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण डीएलएफ ने प्रोजेक्ट नहीं शुरू किया। इसके बाद जमीन संबंधी विवाद की बात कही गई। अब 17 साल हो चुके हैं लेकिन हमें घर नहीं मिला है। एचएसआईआईडीसी के एस्टेट मैनेजर आरके जिंदल ने बताया कि इस मामले में खरीदार स्पष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हमें यह मामला सेटल करने के लिए सौंपा था, बिल्डिंग का निर्माण पूरा कराना हमारी जिम्मेदारी नहीं थी। इसलिए हमने खरीदारों को दो ऑफर दिए। पहला जितना तैयार है, उसपर पजेशन लेने के लिए या फिर ब्याज के साथ पैसे वापस लेने के लिए। कुछ लोगों ने ये विकल्प चुन लिए। हमारे लिए सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश था, वह हम पूरा कर रहे हैं। संवाद