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Gurugram News: लंबित आवासीय परियोजनाओं पर हरेरा सख्त

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बिल्डरों को निर्देश, प्रत्येक तीन माह में निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट दें
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) लंबित आवासीय परियोजनाओं को लेकर सख्ती करने जा रहा है। इसके लिए ऐसे बिल्डरों की पहचान की जा रही है, जिनकी परियोजनाएं देरी से चल रही हैं और हरेरा के दिशा निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे करीब दो दर्जन बिल्डरों को नोटिस भी थमाया गया है। बिल्डरों को निर्देश दिया गया हैं प्रत्येक तीन माह में निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट दें।
हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी गुरुग्राम के चेयरमैन अरुण कुमार अब लंबित परियोजनाओं का खुद मौका मुआयना कर मामले को देख रहे हैं। हाल में उन्होंने कई आवासीय परियोजनाओं को देखा था। अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि कई बिल्डर हरेरा के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि हरेरा के बायलॉज के अनुसार बिल्डर को तीन माह में परियोजना संबंधी पूरी जानकारी देनी होती है। इसमें कितने फ्लैट बुक और कितना निमार्ण कार्य हुआ समेत अन्य प्रकार की जानकारियां होती हैं।
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अधिकारी ने बताया कि यदि इन नियमों का पालन हुआ होता तो माहिरा, ओएसबी, रहेजा और ग्रीनोपोलिस समेत अन्य बिल्डरों के प्रोजेक्टों में देरी नहीं होती। अधिकारी ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार इससे करीब 25-30 हजार निवेशक परेशान हैं। ऐसे में हाल में हरेरा चेयरमैन का कार्य भार संभालने वाले अरुण कुमार ऐसे बिल्डरों पर शिकंजा कसने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार करीब एक दर्जन बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है।
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आशियाने को लेकर लोग खा रहे धक्के
शहर में कई रियर एस्टेट की परियोजनाएं तय समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। इससे हजारों की संख्या में लोग अपने आशियाने को लेकर धक्के खा रहे हैं और प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। बिल्डर ने मनमाने तरीके से एक परियोजना का पैसा दूसरी में लगा दी। ऐसे में पहली परियोजना भी फंस गई। हरेरा अब ऐसी परियोजनाओं का सर्वे करा रहा है ताकि ऐसे बिल्डरों पर शिकंजा सका जा सके और लोगों को जल्द घर से मिल सके। अकेले माहिरा के प्राेजेक्ट में हजारों लोगों के पैसे फंसे हुए हैं।
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