चिंटेल्स कंपनी ने ई-मेल लिख एडिविस कंपनी के सुझाव और आपदा प्रबंधन एक्ट का दिया हवाला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर- 109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो के असुरक्षित पांच टावरों को ढहाने के लिए बिल्डर ने रविवार को ई-मेल लिख प्रशासन से मदद की मांग की है। इसमें असुरक्षित टावरों को खाली कराने के लिए प्रशासन का सहयोग मांगा है।
साथ ही बताया है कि टावर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिहाज से इन्हें खाली कराना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपदा प्रबंधन एक्ट के अलावा असुरक्षित टावर ढहाने की जिम्मेदारी निभाने वाली एडिफिस कंपनी की रिपोर्ट भी संलग्न की है। इसमें टावर ढहाने से पहले अति आवश्यक कदम के रूप में इन्हें खाली कराने और बैरिकेडिंग जैसे कदम का हवाला दिया है।
उधर, रविवार को चिंटेल्स के सुरक्षित और असुरक्षित टावर वासियों ने बिल्डर के सामने कई अन्य शर्तें रखने के लिए सहमति बैठक की। बैठक में असुरक्षित टावरों को तोड़ने से पहले सुरक्षित ए, बी, सी, जे टावर वासियों के लिए सुरक्षा बॉन्ड की मांग की है। इससे मौजूदा समय में सुरक्षित बताए जा रहे टावरों में किसी भी क्षति का हर्जाना बिल्डर को भरना होगा। उधर असुरक्षित टावर डी, ई, एफ, जी और एच के बिजली पानी, जैसी सुविधाएं सुरक्षित टावरों के ओपन एरिया में शिफ्ट कराने की मांग पर सहमति बनी।
साथ ही बिल्डर की ओर से असुरक्षित टावर वासियों को दिए गए दो विकल्पों में भी बदलाव की करने की मांग उठाई है। बैठक में पदाधिकारियों ने आपसी सहमति से बिल्डर पर अब नए मानकों के अनुसार बदलाव पत्र भेजने की तैयारी की है। इसी दौरान रविवार शाम को बिल्डर प्रबंधन की ओर से जल्द से जल्द असुरक्षित टावर ढहाने के लिए प्रशासन से मदद की मांग की है।
प्रशासन से मदद मांगी है। आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत असुरक्षित टावरों में रहना गैर कानूनी है। प्रशासन का दायित्व है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए असुरक्षित टावर खाली कराने में मदद करे। इसके लिए प्रशासन से पत्राचार किया है।- जेएन यादव, उपाध्यक्ष, चिंटेल्स
आरडब्ल्यूए की बैठक में कई मुद्दों पर सहमती बनी है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौपेंगे। जरूरी है कि किसी भी निर्माण या ध्वस्तीकरण से पहले फ्लैट मालिकों की आपत्तियों को निपटाया जाए। इसके लिए जल्द जिला उपायुक्त से मिलेंगे।- राकेश हुड्डा, आरडब्ल्यूए प्रधान,चिंटेल्स पैराडाइसो