पुलिस रिमांड पर नहीं लेने के नाम पर लिए थे चार लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्क्रैप कारोबारी से चार लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोपी हवलदार कुलविंदर की जमानत याचिका को अदालत ने एक लाख रुपये के मुचलके पर मंजूर कर लिया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने दिया है। आरोपी हवलदार ने स्क्रैप कारोबारी से चोरी के मामले में रिमांड नहीं लेने व अन्य केस न लगाने के एवज में चार लाख रुपये की रिश्वत ली थी। इस मामले घटना के दस दिन बाद कार से पचास हजार रुपये बरामद किये गये थे। थाना सिविल लाइन में यह मामला दर्ज किया गया था।
पीड़ित सुरेश गुप्ता नई दिल्ली में स्क्रैप की खरीद-बिक्री का कारोबार करता है। 25 अप्रैल को थाना सिविल लाइंस गुरुग्राम में तैनात हवलदार कुलविंदर व अन्य दो पुलिस अधिकारी के साथ सुरेश के गोदाम पर जाकर उसे चोरी के मामले में अपने साथ थाना में लाए थे। हेड कांस्टेबल कुलविंदर ने सुरेश को चोरी के दर्ज मामले में पीटा और गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि कुलविंदर ने सुरेश से कहा कि उसकी कोर्ट से पुलिस रिमांड हासिल कर लेगा और उसे कई चोरियों में फंसा देगा। कुलविंदर ने रिमांड नहीं लेने व अन्य केस न लगाने के एवज में 15 लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित सुरेश ने रिमांड के डर से कुलविंदर को 10 लाख रुपये की रिश्वत देने के लिए तैयार हो गया था। पीड़ित ने चचेरे भाई से कहा कि चार लाख रुपये जेल में जाने से पहले बाकी छह लाख जेल से आने पर कुलविंदर को रिश्वत का भुगतान करना। इसके बाद पीड़ित को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। 26 अप्रैल को पीड़ित के भतीजे ने चार लाख रुपये कुलविंदर को दे दिए थे। जेल से आने के बाद एचसी कुलविंदर ने पीड़ित से फोन पर रिश्वत की बकाया छह लाख रुपये की राशि का भुगतान करने के लिए कहा, जिसके लिए पीड़ित ने एक जून को शेष रिश्वत देने का आश्वासन दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया की इस मामले में चार्जशीट अदालत में दायर की जा चुकी है। इस मामले के ट्रायल में समय लग सकता है। इसलिए आरोपी हवलदार कुलविंदर की जमानत याचिका एक लाख रुपये के मुचलके पर मंजूर कर ली है।