संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में एक बार फिर शहर की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। गुरुग्राम और मानेसर दोनों जगह पर हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र मानेसर के कई इलाकों में आग की घटनाओं के कारण हवा में लगातार जहर घुलता जा रहा है। रविवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 299 दर्ज किया गया। वहीं मानेसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 290 रहा। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेप-चार फिर से हटने के बाद शहर में निर्माण कार्यों ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है, धूल नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में पानी के छिड़काव के बीच केवल खानापूर्ति की जा रही है। वहीं आईएमटी मानेसर में भी कई इलाकों में कूड़े में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रदूषण की श्रेणी गंभीर होने से आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और थकान की घटनाएं सामने आ रही हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गुरुग्राम चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। जर्जर सड़कों व हाईवे के किनारे मिट्टी के जमा होने से भी प्रदूषण में बढ़ोतरी जारी है। प्रशासन की तरफ से नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। अगर हवा की श्रेणी ऐसे ही गंभीर बनी रही तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम होंगे। लगभग तीन महीनों से शहर की हवा गंभीर बनी हुई है।
शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
नोएडा- 409
गाजियाबाद-404
दिल्ली- 385
गुरुग्राम-299
फरीदाबाद-249