करोड़ों की चोरी के मामले में फंसे आईपीएस अधिकारी धीरज सेतिया की पॉलीग्रॉपी टेस्ट की रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। एसटीएफ ने दस फरवरी को अदालत में दाखिल चार्जशीट में उसे क्लीन चिट दे दी थी।
पॉलीग्रॉफी टेस्ट में एसटीएफ की ओर से सीबीआई की फॉरेंसिक लैब में चार सवाल पूछे गए थे। यह वह सवाल थे जो डॉक्टर सचिन्द्र जैन नवल और आईपीएएस अधिकारी धीरज सेतिया को इस चोरी के मामले से जोड़ रहे थे। सभी सवालों के जवाब में आईपीएस अधिकारी ने इंकार कर दिया है।
पूछे गए ये चार सवाल
पहले सवाल में एसटीएफ की ओर से आईपीएस अधिकारी से पूछा गया था कि क्या आपको जुलाई 2021 में डॉ सचिन्द्र जैन नवल ने किसी फ्लैट में करोड़ों रुपये रखने की जानकारी दी थी। जिसके जवाब में उन्होंने इंकार कर दिया।
दूसरा सवाल था कि क्या आपको 6 अगस्त 2021 को डॉ. सचिन्द्र जैन ने अल्फा जी कंपनी सेक्टर 14 की ओर से चोरी की दर्ज एफआईआर पढ़ने को दिया था। इससे भी उन्होंने इंकार कर दिया।
एसटीएफ की ओर से पूछे गए तीसरे सवाल में क्या उनके निवास स्थान पर डॉक्टर ने 28 सितंबर को उनको तीन सोने के ब्रिक और एक लाख 34 हजार यूएस डालर दिया था। इससे भी उन्होंने इंकार कर दिया।
आखिरी सवाल में एसटीएफ ने पूछा कि क्या उसने चार अक्तूबर 2021 को डॉक्टर को कोई बैग वापस किया था। जिसमें सोने की ब्रिक व यूएस डालर रखा था। इससे भी इंकार किया था।
करोड़ों की चोरी के मामले में आईपीएस अधिकारी व डॉक्टर का नाम आने से मामला हाईप्रोफाइल हो गया था। जिस डॉक्टर पर सूचना व पैसे का लेन-देन करने का आरोप लगा है। उसकी ओर से जेल में आईपीएस अधिकारी का आमना-सामना में एसटीएफ की टीम के सामने हुआ था। जिसमें डॉक्टर सचिन्द्र जैन ने किसी भी प्रकार के लेन-देन से इंकार किया था।
एसटीएफ की ओर से उसे छह दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया था मगर उसकी ओर से किसी तरह की बरामदगी नहीं हुई थी। इस मामले में शुक्रवार को तरुण सिंघल की अदालत में सुनवाई थी। अदालत की ओर से अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च रखी गई है।