फर्रुखनगर। प्राचीन रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति गीतों, हरिनाम संकीर्तन व राधे-श्याम के जयघोष से गूंज उठा। कथावाचक आचार्य त्रिलोकी शास्त्री ने समापन दिवस पर सुदामा चरित्र, शुकदेव जी की विदाई और राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन किया। संवाद