रजिस्ट्री, लाइसेंस, मोटर व्हीकल रजिस्ट्रेशन, सहित अन्य दफ्तरों में काम न होने से सरकार के राजस्व को करोड़ों का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों सहित अन्य संस्थानों के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों का अनिश्चितकालिन धरना जारी है। इस दौरान लघु सचिवालय में अपने काम कराने के लिए आए लोगों को काम कराए बगैर बेरंग अपने घर को लौटना पड़ा। इस दौरान लोग सरकारी व्यवस्था को कोसते हुए नजर आए। लोगों ने कहा कि यह हड़ताल अनिश्चितकालीन है, जब तक कार्यालय में क्लर्क नहीं बैठते, तब तक काम संभव नहीं।
यह हड़ताल क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर लघु सचिवालय नूंह के सामने चल रही है। हड़ताल में जिले भर से लगभग 450 कर्मचारियों ने भाग लिया। जिला प्रधान बलजीत ने बताया कि एसोसिएशन की सिर्फ एक ही मांग है कि लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19 हजार 900 से बढ़ाकर 35 हजार 400 किया जाए। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे संघर्ष व प्रदर्शन के बावजूद सरकार जायज मांग को नजरंदाज कर रही है। एसोसिएशन द्वारा प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों जिला उपायुक्तों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद सरकार हमारी मांगों को लेकर बातचीत नहीं कर रही है। प्रदेशभर के सभी लिपिक वर्ग के कर्मचारियों द्वारा 18 जून 2023 को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया गया था। तब सरकार द्वारा लिखित में आश्वासन दिया था कि 4 जुलाई 2023 तक मुख्यमंत्री एसोसिएशन प्रतिनिधियों से चंडीगढ़ में बातचीत करेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने मिलने का समय चंडीगढ़ में नहीं दिया। एसोसिएशन द्वारा करनाल में निर्णय लिया गया था कि यदि मुख्यमंत्री, क्लेरिकल एसोसिएशन वेल्फेयर सोसाइटी हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए समय नहीं देते हैं तो हरियाणा प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत पूरा लिपिकीय वर्ग 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला जाएगा।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला कोऑर्डिनेटर ने बताया कि जब से हरियाणा प्रदेश का गठन हुआ है, तब से हरियाणा सरकार ने समय-समय पर विभिन्न पदों जैसे अध्यापक, फार्मासिस्ट, एमपीएचडब्लू, जीएनएम, नर्सिंग स्टाॅफ, जूनियर इंजीनियर एवं अन्य पदों के कार्यों की समीक्षा के उपरान्त या अन्य किसी दूसरे कारणों से उनके वेतनमान मे सम्मान जनक बढ़ोतरी की है। पहले लिपिक पद का वेतनमान एमपीएचडब्लू, ड्राइवर, वैक्सीनेटर, सिग्नलर, फोरेस्ट गार्ड, जेबीटी टीचर, जूनियर इंजीनियर, पटवारी, फार्मासिस्ट आदि पदों के वेतनमान के लगभग बराबर या इनसे ज्यादा हुआ करता था, लेकिन सातवें वेतन आयोग तक लिपिक पद का वेतनमान अन्य पदों की तुलना मे अपग्रेड नहीं किया गया। बुधवार को धरनास्थल पर लिपिकीय वर्ग द्वारा ब्लड कैंप लगाया गया, जिसमें 100 से अधिक लिपिकों ने रक्तदान किया।
जिले में करीब 100 रजिस्ट्री होती है, जिसकी एवज में सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये का राजस्व आता है, लेकिन अब यह पिछले 1 सप्ताह से बंद है। पूरे हरियाणा में अरबों खरबों रुपये का नुकसान सरकार को हो रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री बात करने को तैयार नहीं हैं।
मैं रजिस्ट्री कराने आया था, लेकिन नहीं हो रही। अब आगे देखते हैं, कब तक ऐसे चलता है। -फकरुदीन
प्रॉपर्टी आईडी में दिक्कत के लिए नपा कार्यालय आए थे, लेकिन यहां कर्मचारी न होने के कारण काम नहीं हो रहा। - मकसूद अहमद
ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर कार्यालय में काम था, लेकिन बाबू के हड़ताल होने के कारण काम नहीं हुआ। -आसिफ
हड़ताल पर बैठे लिपिक कर्मचारी।