अपराजिता: लोगो का प्रयोग करें
सोशल मीडिया और ऑनलाइन साइटों पर सतर्कता से काम करने की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वर्तमान समय में लड़कियां लड़कों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं, लेकिन समाज में असामाजिक तत्वों के कारण आज भी माहौल लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है। सरकार व पुलिस प्रशासन की ओर से लड़कियों व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़े कानून बनाए हुए हैं। बावजूद इसके लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं ही जागरूक होना होगा।
उक्त बात अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत मंगलवार को ब्लू बेल्स मॉडल स्कूल सेक्टर-4 में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा विषय की शिक्षिका नीतू कुमारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर हिंदी शिक्षिका रेणु रावत व परमानंद चौधरी भी उपस्थित रहे। छात्राओं को जागरूक करते हुए नीतू कुमारी ने बताया कि लड़कियों व महिलाओं को अपनी सुरक्षा को लेकर कई चीजों का ध्यान रखना चाहिए। रात्रि के समय अकेले घर से बाहर ना निकलें, अगर ज्यादा जरूरी कार्य है तो अपने परिवार वालों या परिचित को साथ लेकर ही जाएं। अनजान लोगों से बातचीत ना करें। अगर मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से बार-बार कॉल आ रही है और कॉल करने वाला व्यक्ति आपसे बात करने या दोस्ती करने दबाव बना रहा है तो उसके बारे में परिवार वालों को बताने के साथ ही पुलिस को भी शिकायत दर्ज कराएं। ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई हो सके। लड़कियां चुप रहकर सहन करेंगी तो सामने वाले का हौसला बढ़ेगा।
नीतू कुमारी ने छात्राओं से कहा कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन साइटों पर सतर्कता से कार्य करें। क्योंकि ऑनलाइन ठगी होने के अलावा युवा ऑनलाइन साइटों के माध्यम से अनजान लोगों के संपर्क में आ जाते हैं। कई बार ऑनलाइन साइटों पर दोस्ती होने के बाद लड़कियां शिकार हो जाती हैं। ऐसे में फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें। उन्होंने कहा कि लड़कियों व महिलाओं को कराटे, ताइक्वांडो व जूडो का प्रशिक्षण लेना चाहिए, ताकि मुश्किल समय में अपनी रक्षा स्वयं कर सकें। कराटे आदि सीखने से आत्मरक्षा करने का गुर सीख पाएंगी। कोई व्यक्ति गलत तरीके से छुए ताे उसको कैसे जवाब देना है। शरीर के किन अंगों पर वार करने से सामने वाले को चित किया जा सकता है, इन सब की जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि कोई व्यक्ति पीछा करता है तो आसपास की दुकानों या मकानों में जाकर सहायता मांगी जा सकती है। कैब या टैक्सी में सफर करने के दौरान गाड़ी का पंजीकरण नंबर और लोकेशन घर वालों के साथ शेयर कर दें। ताकि किसी अनहोनी में तुरंत सहायता मिल सके। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने शिक्षिका नीतू कुमारी से आत्मरक्षा संबंधित कई सवाल भी पूछे। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न विषयों के बारे में अच्छे से जवाब दिए।