अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आठ साल पहले हुई वारदात के बाद गैंगस्टर कौशल ने राजस्थान के अलवर जिले में पहचान बदल कर अपने पिता के साथ शरण ली थी। इस दौरान उनकी ओर से नकली पहचान पत्र भी बनाया गया था। जिसका जिक्र जांच अधिकारी ने अदालत में पेश चार्जशीट में किया है। दिसंबर 2017 में दुबई भागने से पहले गैंगस्टर कौशल के अलावा उसके पिता नंदकिशोर भी राजस्थान के अलवर में जाकर किराये पर रहे थे।
अदालत के दस्तावेज के अनुसार वहां पर पिता-बेटा नहीं परिचित बनकर रह रहे थे। गैंगस्टर कौशल ने वहां नरेश पुत्र राजेंद्र के नाम से रहकर आईडी बनवाई थी। जबकि नंदकिशोर वहां रामअवतार पुत्र मुन्नीलाल के नाम से ठहरे थे। साल 2017 में सुदेश नामक महिला की हत्या मामले में पुलिस ने इसे साबित करने के लिए राजस्थान के अलवर के उस मकान मालिक दंपती टीकाराम व अनीता शर्मा को भी गवाह बनाया था। यहां का रेंट एग्रीमेंट भी पुलिस ने केस फाइल में लगाया था। लेकिन इन दंपती ने भी पुलिस की कहानी को सपोर्ट नहीं किया और कोर्ट में गवाही दी कि पुलिस ने इनके बयान केस के दौरान किसी भी समय पर दर्ज नहीं किए और आरोपियों को ये नहीं जानते। वो इस केस के बारे में कुछ नहीं जानते।
नाहरपुर रूपा गांव में सुदेश नामक महिला की हत्या की ये वारदात 11 मार्च 2017 को हुई थी। जोनी हंस नामक युवक से बातचीत करने के बहाने उसकी कार में ही बैठकर आरोपी उसके घर पहुंचे। वहां बातचीत के दौरान आरोपियों ने गोली चलाना शुरू कर दिया था। जिसमें जोनी की मां सुदेश की मौत हो गई थी जबकि जोनी व उसके पिता जोगिंद्र बाल-बाल बचे और जान बचाकर वे भागे। 12 मार्च 2017 को सदर थाना में ये एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कोर्ट में पेश करते हुए केस में 50 से अधिक गवाह बनाए थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद एडिशनल सेशन जज रूपम सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को सबूतों व गवाहों के अभाव में गैंगस्टर कौशल समेत अन्य सभी को बरी कर दिया है।