बैठक में संविधान के मुताबिक 20 प्रतिशत सीट आरक्षित करने की मांगसंवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम की 36 सीट में से तीन सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने को लेकर दलित समाज ने रविवार को सेक्टर-4 में बैठक आयोजित की। दलित नेता प्रताप सिंह कदम ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में बाबा भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के मुताबिक 20 प्रतिशत सीट उनके समाज के लिए आरक्षित होनी चाहिए। गुरुग्राम नगर निगम में 36 सीट की 20 प्रतिशत सीट सात होती है,लेकिन उनके लिए सिर्फ तीन सीट ही आरक्षित की गई है।
उनका कहना है कि गुरुग्राम में पहले नगर निगम की 35 सीट थी,जिसमें से 6 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। अब एक सीट ज्यादा होने के बावजूद उनकी आरक्षित सीट आधी कर दी गई। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 2011 में हुए नगर निगम के पहले चुनाव में अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या एक लाख 97 हजार 937 थी और 35 वार्ड में छह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई थी।
सात जुलाई को वार्डों के संबंध में जारी हुई अधिसूचना के अनुसार परिवार पहचान पत्र के आधार पर अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या 87 हजार 930 और वार्ड 36 पर कुछ तीन सीट आरक्षित की हैं। इस बैठक में सभी ने भारतीय जनता पार्टी की दलित विरोधी हरियाणा सरकार की कड़ी निंदा की। इसी विषय को लेकर बैठक में निर्णय लिए गए जिसमें हाई कोर्ट में याचिका दर्ज कराने व दलित समाज की विशाल महापंचायत कर दलित समाज सभी अन्य समाज को लेकर अपने हक की लड़ाई लड़ना जारी रखेगा।