संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जी-20 बैठक के दौरान इसमें शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों को प्रदेश के सुशासन से रू-ब-रू कराया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस के लिए सरकार ने प्रयास, उन्हें कैसे सिरे चढ़ाया, जैसे महत्वपूर्ण विषयों का प्रदर्शन किया जाएगा। खासकर परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और डिजिटलाइजेशन जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते स्टॉल बैठक स्थल के बाहर लगाए जाएगे और विदेशी मेहमानों को इन्हें दिखाया जाएगा। जी-20 शिखर सम्मेलन के अंतर्गत गुरुग्राम को एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक की मेजबानी मिली है। गुरुग्राम इस बैठक के जरिए हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेगा। यह बैठक एक से चार मार्च तक होटल लीला में होगी। इस बैठक के दौरान परिवार पहचान पत्र व आईटी आधारित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
भाषा, जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक रणबीर सिंह सांगवान के अनुसार सरकारी प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर नागरिकों को सेवाओं का त्वरित लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के अपने विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने परिवार पहचान पत्र जैसी महत्वाकांक्षी योजना लागू की है। अब कोई भी नागरिक ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ही सरकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ ले पा रहा है। राज्य सरकार ने सिस्टम में पारदर्शिता लाने और बिचौलियों को खत्म करने के लिए पीपीपी बनाया। इससे व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। सरकार का मुख्य ध्येय पेपरलेस, फेसलेस और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित कर लोगों को राहत प्रदान करना है। अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार के अपने सिद्धांत पर चलते हुए प्रदेश सरकार ने कई नागरिक केंद्रित सेवाओं को ऑनलाइन किया है। प्रदेश सरकार ने बीपीएल परिवारों को ऑनलाइन राशन कार्ड देने की कवायद शुरू की है। किसान जमाबंदी की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त फर्द पोर्टल से प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल भ्रष्टाचार को बहुत बड़ी बुराई मानते हैं। मुख्यमंत्री के इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो का भ्रष्टाचार पर प्रहार लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सतर्कता ब्यूरो को और अधिक सशक्त बनाते हुए इसका नाम बदलकर एंटी करप्शन ब्यूरो करने का फैसला लिया गया है। इन सभी बातों का जी-20 की बैठक के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा।