मानसून के दौरान बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए सभी विभाग मिलकर करें काम : सीईओ
मानसून के दौरान अंडरपासों में पैदल और नॉन मोटर व्हीकल के आवागमन को रोक दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून सीजन में शहर में जलभराव की समस्या को देखते हुए एक जुलाई से जीएमडीए बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुरू कर देगा। वहीं, मानसून के दौरान शहर के अंडरपासों में पैदल और नॉन मोटर व्हीकल के आवागमन को रोक दिया जाएगा। शहर में जलभराव वाले हॉट स्पाॅट पर पंप समेत अन्य इंतजामों पर जोर दिया गया। इस दौरान लोग हेल्पलाइन 1800-180-1817 और 0124-4753555 पर जलभराव संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सोमवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. श्रीनिवास ने मानसून में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों पर जीएमडीए कार्यालय में एक समन्वय बैठक बुलाई।
बारिश के दौरान शहर में जलभराव की गंभीर समस्या हो जाती है। इससे वाहन चालकों और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में शहर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए जीएमडीए के सीईओ ने अन्य विभागों के साथ सोमवार को बैठक की। सीईओ ने कहा कि बारिश के दौरान बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वित योजना बनाकर कार्य योजना तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल भराव वाले महत्वपूर्ण स्थानों पर संबंधित विभागों द्वारा उपाय किए जा रहे हैं। नालों की सफाई, पंपिंग मशीनरी, जल निकासी संबंधित कई कार्य पहले से ही प्रगति पर हैं। भारी बारिश के दौरान अंडरपास में कोई जलभराव ना हो यह सुनिश्चित करने के लिए शहर के 16 अंडरपास में स्थापित पंपिंग मशीनरी का मॉक ड्रिल जीएमडीए द्वारा सफलतापूर्वक किया गया है। एनएचएआई द्वारा वाटिका चौक अंडरपास में पंप लगाने का काम चल रहा है। गोल्फ कोर्स रोड पर जलभराव से निपटने के लिए जीएमडीए और डीएलएफ की टीमों द्वारा अरावली में चेकडैम को मजबूत करने का काम किया गया है। मास्टर रोड पर बारिश के पानी की निकासी के लिए नगर निगम द्वारा नालों की सफाई का काम पूरा होने वाला है। नरसिंहपुर के निचले इलाके में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जीएमडीए और एनएचएआई द्वारा बारिश के दौरान इलाके से पानी निकालने के लिए पांच-पांच पंपसेट लगाए गए हैं।
बरसाती नालों में कचरा डालने पर भी चर्चा
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बारिश के पानी के नालों में कचरा डाले जाने के मामले पर भी चर्चा की गई। जीएमडीए के सीईओ ने निर्देश जारी किए कि नालों को जाम होने से बचाने के लिए एमसीजी द्वारा कचरा डाले जाने और सीवर के पानी की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि एनएच-48 के तहत जीएमडीए के मास्टर नाले लेग 1, लेग 2 से संबंधित पुलियों की सफाई का काम पूरा हो गया है। राजीव चौक के आसपास की नालियों और एनएच-48 के किनारे की नालियों की सफाई का काम भी चल रहा है। जीएमडीए के अधिकारियों ने कहा कि आर्टेमिस अस्पताल, मेफील्ड गार्डन और गुड अर्थ मॉल के पास भारी जल जमाव की समस्या को दूर करने के लिए जीएमडीए द्वारा नालियों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। सीईओ ने नगर निगम अधिकारियों को बसई चौक के पास जीएमडीए द्वारा किए जा रहे जल निकासी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाली सीवर लाइन को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। जल निकासी नेटवर्क के पूरा होने से सेक्टर 9 और 10 में जलभराव की समस्या पर अंकुश लगेगा । बैठक में गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मीणा, एचएसवीपी की प्रशासक रेणु सोगन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी), यातायात पुलिस और डीएलएफ के अधिकारी मौजूद थे।
एक जुलाई से हेल्पलाइन नंबर काम करेंगे
महत्वपूर्ण स्थानों पर पंपिंग मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती के लिए जीएमडीए द्वारा एक समर्पित बाढ़ नियंत्रण कार्यालय स्थापित किया गया है। एमसीजी, एनएचएआई, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से पीक मानसून सीजन के दौरान जमीनी स्थिति की निगरानी की जा सके। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय 1 जुलाई से चालू हो जाएगा और नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1817 और 0124-4753555 पर जलभराव संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
जल भराव के हॉट स्पॉट में पंप-सेट लगाए
जीएमडीए द्वारा खांडसा चौक, नरसिंहपुर, सेक्टर 102 बसई के पास, बस स्टैंड सेक्टर 10, सेक्टर 67 में एआईपीएल जॉय स्ट्रीट मॉल के सामने, राजीव चौक, ताऊ देवी लाल स्टेडियम और अन्य चिन्हित स्थानों जैसे प्रमुख हॉट स्पॉट पर कुल 23 पंप-सेट लगाए जा रहे हैं। जीएमडीए के सीईओ ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभागों द्वारा उनके अधिकार क्षेत्र के तहत हॉट स्पॉट क्षेत्रों में अतिरिक्त बैक-अप पंप, जेसीबी, डीजी सेट और अन्य आवश्यक मशीनरी के साथ-साथ मैनपावर का प्रावधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मानसून की शुरुआत से पहले सभी संसाधनों का उचित स्थान निर्धारण किया जाना चाहिए। पैदल यात्रियों और गैर-मोटर चालित परिवहन (एनएमटी) के लिए अंडरपास और सब-वे मानसून के मौसम में बंद रहेंगे। इसमें राजीव चौक, सिग्नेचर टावर, सिरहौल समेत अन्य अंडरपास हैं।