संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में रैंक हासिल करके पांच युवाओं ने गुरुग्राम का नाम रोशन किया है। अभिनव सिवाच ने 12वीं रैंक, प्रांशु शर्मा ने 65वीं रैंक, दीपक यादव ने 495वीं रैंक, अनमोल यादव ने 655वीं रैंक और अवधेश जाजोरिया ने 873वीं रैंक हासिल की है। यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक हासिल करने पर युवाओं व उनके परिवार वालों को बधाई देने का तांता लग गया है। वहीं उनके रिश्तेदारों व जानकारों ने मोबाइल पर भी बधाई दी।
अभिनव सिवाच ने 12वीं रैंक हासिल की
शहर के सेक्टर-14 में रहने वाले अभिनव सिवाच ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 12वीं रैंक हासिल की है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर में बीटेक और एमबीए कर चुके अभिनव पहले मुंबई स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। जहां उनका सालाना पैकेज 35 लाख रुपये तक था। नाैकरी छाेड़कर उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी की।
मूलरूप से उत्तरप्रदेश के हरियाणा के गोरखपुर गांव निवासी अभिनव सिवाच वर्तमान में दिल्ली में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। उनका यह दूसरा प्रयास था, जिसके लिए नौकरी के साथ ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सात से 10 घंटे तक पढ़ाई की। सोशल मीडिया का भी काफी कम प्रयोग किया, ताकि अपनी पढ़ाई पर ही फोकस रख सकें। उन्होंने बताया कि आईएएस के तौर पर उनकी प्राथमिकता हरियाणा कैडर की है। अभिनव सिवाच के पिता सतबीर सिवाच आबकारी एवं कराधान विभाग गुरुग्राम में उपायुक्त पद पर कार्यरत हैं। माता सुमन सिवाच गृहिणी हैं व छोटा भाई स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। अभिनव सिवाच ने बताया कि नायब तहसीलदार के रूप में फतेहाबाद जिले के टोहाना के अलावा हिसार में भी सेवाएं दी हुई है। अभिनव बताते हैं कि जनता की सेवा करते हुए देश की उन्नति में योगदान देने के लिए वह प्रयासरत हैं।
प्रांशु शर्मा ने 65वीं रैंक हासिल की
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शहर के सेक्टर-15 निवासी प्रांशु शर्मा ने ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल की है। प्रांशु शर्मा को यह आखिरी प्रयास था। इससे पहले वह पांच बार यूपीएससी की परीक्षा दे चुके थे। वर्ष-2018 से वेस्टर्न रेलवे में रेलवे एकाउंट आफिसर के पद पर नाैकरी कर रहे हैं। नौकरी के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी की। पढ़ाई को लेकर निर्धारित घंटे नहीं थे, जितना समय मिला उतनी ही पढ़ाई की। प्रांशु शर्मा ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से यूपीएससी की पढ़ाई कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा को लेकर ज्यादा तैयारी नहीं करनी पड़ी, सिर्फ रिवाइज करना पड़ा। उन्होंने बताया कि मैंने फॉरेन सर्विस का विकल्प चुना है। उनका रुझान हमेशा विदेश सेवा में रहा है, ऐसे में उन्होंने फॉरेन सर्विस के लिए प्राथमिकता दिखाई है। कोई अन्य सर्विस पर नियुक्ति मिलती है तो उसके लिए भी अपना बेस्ट देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पिता विजय कुमार शर्मा चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत हुए हैं। मां रुचि शर्मा गृहिणी व छोटी बहन मायरा जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही हैं।
अनमोल यादव ने 655वीं रैंक प्राप्त की:
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सेक्टर-6 निवासी अनमोल यादव ने 655वीं रैंक हासिल की है। अनमोल के पिता आनंद यादव जून-2021 में विदेश मंत्रालय सेवा से सेक्शन ऑफिसर पद से सेवानिवृत हुए हैं और माता सरोज यादव गृहिणी हैं। अनमोल यादव शुरू से ही होनहार छात्र रहे हैं। अनुभव का जन्म अल्जीरिया में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा भी विदेशों में ही हुई। साउथ अफ्रीका से इंटर मीडियट की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग एनआईटी जयपुर और एमए इंटरनेशनल रिलेशन में जेएनयू दिल्ली से की। वर्तमान में वह बेंगलूरू में ईडी टेक कंपनी में नौकरी कर रहे हैं।
अनमोल यादव ने बताया कि पिता के साथ विदेशों में रहकर उनका रूझान विदेश सेवा में है। हालांकि रैंक के अनुसार सर्विस मिलने पर अपना बेस्ट देने का प्रयास करेंगे। वे सोशल मीडिया से जुडे़ जरूर रहे, लेकिन उन्होंने ज्यादा समय नहीं बिताया। पढ़ाई पर रोजाना 10 से 12 घंटों का समय दिया है। वर्ष-2018 में पहले ही प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें ज्वाइनिंग नहीं मिल सकी थी। अमनोल यादव का यह छठा प्रयास था। यूपीएससी परीक्षा में 655वीं रैंक हासिल करने पर दिनेश वशिष्ठ, आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान लाल सिंह यादव, पवन सपड़ा, अजीत कटारिया, इंद्रजीत मेहता, रितु चौधरी विनोद बंसल, एमजी यादव, रोहित अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने बधाई दी।
दीपक यादव ने 495वीं रैंक हासिल की
शहर के सुशांत लोक निवासी दीपक यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 495वीं रैंक हासिल की है। वर्ष-2021 के फरवरी माह में प्राइवेट नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। अपने पहले ही प्रयास में वह ऑल इंडिया रैंकिंग में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे। दीपक यादव के पिता राजेंद्र यादव बिजनेसमैन है और मां सुशीला यादव गृहिणी हैं। बहन ज्योति इनकम टैक्स कमिश्नर पद पर कार्यरत हैं।
दीपक यादव ने बताया उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई हंसराज कॉलेज से की है। आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया है। इसके बाद फिर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। दीपक ने रोजाना 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की। शुरुआती दौर में पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि उनको समझ नहीं आ रहा था कि किस तरह से तैयारी करें। बाद में यूपीएससी की पढ़ाई को समझकर तैयारी शुरू की। सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाए रखी। लेकिन यूट्यूब पर यूपीएससी संबंधित वीडियो को देखते थे। दीपक यादव ने बताया कि उन्होंने आईपीएस कैटेगरी में स्थान हासिल किया है। अब वह देश व जनता की सेवा करना चाहते हैं।
अवधेश जाजोरिया ने 873वीं रैंक हासिल की
सोहना के अवधेश जाजोरिया ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में एक बार फिर बाजी मार ली। परीक्षा पास कर सोहना क्षेत्र वासियों का दिल जीत लिया। यूपीएससी की वर्ष 2022 की परीक्षा में जहां 663वीं रैंक प्राप्त की थी। अब उन्होंने 873वीं रैंक हासिल की है। पिता महेंद्र जाजोरिया ने बताया कि वर्ष-2022 में वो दिल्ली में एपीजे अब्दुल कलाम अकेडमी में असिस्टेंट ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हुए थे। एक बार फिर से यूपीएससी की तैयारी करने की ठानी और अब वर्ष-2023 में फिर बाजी मार ली। अवधेश जाजोरिया ने वर्ष-2009 में जिंदल स्कूल से दसवीं कक्षा, वर्ष-2011 में जीवन ज्योति स्कूल पलवल से बारहवीं परीक्षा पास की थी। वर्ष-2016 में जीटीबी इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर की डिग्री ली। अवधेश जाजोरिया इसे अपने गुरु और माता पिता को प्रेरणा स्रोत मानते हैं।