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Gurugram News: बीपी में उतार चढ़ाव आते ही भर्ती किए जा रहे बुखार पीड़ित

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अति गंभीर श्रेणी के टाइप-2 डेंगू की पुष्टि के बाद अधिक सक्रिय हुआ विभाग
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सेरोलॉजिकल टेस्ट में देरी के कारण भी बढ़ी परेशानी, 10 दिन बाद भी नहीं आई 79 मामलों की रिपोर्ट



अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। इन दिनों रक्तचाप (बीपी) और हार्ट रेट के उतार चढ़ाव की समस्या से जूझ रहे बुखार पीड़ितों के प्रति स्वास्थ्य विभाग संवेदनशील है। ऐसे मरीजों को विभाग बिना किसी देरी के सीधे भर्ती कर रहा है। दरअसल, टाइप-2 डेंगू की पुष्टि के बाद जिले में डेंगू और बुखार पीड़ितों को लेकर विभाग सतर्क है। उधर, दस दिन पहले भेजे गए 79 डेंगू पीड़ितों के सिरोटाइप सैंपल की रिपोर्ट अभी तक लंबित है। ऐसे में किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए विभाग ने संवेदनशील तरीका अपनाया है। जिले में फिलहाल 175 डेंगू मामलों की पुष्टि हो चुकी है।इसमें से 94 स्वस्थ हो चुके हैं और 32 जिला नागरिक अस्पताल तथा तीन मरीज निजी अस्पताल में भी उपचाराधीन हैं। विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अब डेंगू के साथ किसी भी बुखार में लापरवाही न बरतने की सलाह दी है। साथ ही किसी भी तरह के बुखार पर सीधे रक्त जांच की एडवाइजरी जारी की है। इसके अलावा रविवार को जिले के संवेदनशील इलाकों में जागरूकता के लिए पर्चे बांटे गए। इसके साथ ही लोगों को रक्त जांच के लिए प्रेरित किया गया।



टाइप -2 डेंगू ने बढ़ाई चिंता

जिले में अब तक 47 में से दो मरीजों में घातक माने जाने वाले टाइप 2 डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके लिए डेंगू पीड़ित मरीजों का सेरोलॉजिकल टेस्ट कराया जा रहा है। हालांकि जांच धीमी होने के कारण बीते दस दिन पहले भेजी गई 79 डेंगू पीड़ितों की जांच रिपोर्ट अभी भी लंबित है। इस कारण विभाग ने टाइप -2 डेंगू के लक्षणों अनुसार मरीजों को सीधे भर्ती कर इलाज देने की मुहिम शुरू की है।
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लोगों को जागरूक करने के लिए बांटे पर्चे
मच्छरजनित डेंगू-मलेरिया पर काबू पाने के लिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए रविवार को भी जिले में जागरूकता पर्चे बांटे गए। डेंगू मलेरिया रोकथाम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि प्रयास है कि लोगों को डेंगू-मलेरिया के बारे में अधिक व सटीक जानकारी मिल सके। इससे न वह सिर्फ समय पर इलाज और जांच के लिए आगे आएंगे। बल्कि किसी भी पैनिक में आने से बचेंगे।
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बीपी और हार्ट रेट में परिवर्तन डेंगू या बुखार पीड़ितों के लिए घातक हो सकता है। ऐसे मरीजों को तुरंत भर्ती करने के आदेश हैं। जिला नागरिक अस्पताल में लगातार बेड की संख्या मरीजों के अनुसार बढ़ाई जा रही है। स्थिति कंट्रोल में है। लोग घबराएं नहीं। किसी भी तरह का बुखार आने पर सीधे डॉक्टर से संपर्क करें। वीरेंद्र यादव, जिला सिविल सर्जन
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