गुरुग्राम। कासन, कुकडोला और सहरावण की 1810 एकड़ जमीन अधिग्रहण के विरोध में क्षेत्र के किसान और विभिन्न समाज एकजुट होने लगे हैं। इसी कड़ी में रविवार को मानेसर के एचएसआईआईडीसी परिसर में सर्वखाप झाड़सा 360 की ओर से आहूत महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। 360 के प्रधान चौधरी महेंद्र सिंह ठाकरान की ओर से आयोजित की गई इस महापंचायत में पीड़ित गांवों के किसानों के साथ क्षेत्र के अनेक गांवों के किसान, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ विधायक कुलदीप वत्स, चिरंजीव राव और कई स्थानीय नेता भी पहुंचे। इसके अलावा आप के दिल्ली साउथ जोन प्रभारी मीनू सिंह, स्वराज इंदिया के योगेंद्र यादव, संयुक्त किसान मोर्चा के चौधरी संतोख सिंह ने किसानों के साथ बड़े से बड़े आंदोलन में कंधा मिलाकर चलने का संकल्प दोहराया।
महापंचायत में प्रदेश सरकार को 24 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया है। किसानों ने गरजते हुए कहा कि अगर 24 अगस्त तक सरकार ने किसानों के हित में कोई फैसला नहीं किया तो निर्णायक लड़ाई होगी। इसके लिए किसानों को चाहे जो कीमत चुकानी पड़े। किसानों ने एक तरह से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन की राह पकड़ने की ओर इशारा किया। किसान नेताओं ने साफ कहा कि सड़क, रेल मार्ग जो रोकना पड़े, पीछे नहीं हटेंगे। मेवात से पहुंचे रमजान चौधरी ने कहा कि हर तरह के आंदोलन में मेवात का किसान मानेसर के किसानों के साथ है। स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि क्षेत्र के किसान राव तुलाराम और चौधरी बख्तावर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत से प्रेरणा लें। दोनों अपने हक के लिए कुर्बान हुए। बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि नेताओं पर नहीं, अपनी ताकत भर भरोसा रख किसान अपनी लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि सीएलपी की बैठक में किसानों के लिए कोई न कोई फैसला लेंगे।
डीसी को बुलाने पर अड़े, पहुंचीं एसडीएम
महापंचायत में किसान डीसी को बुलाने पर अड़े रहे। किसान डीसी को ज्ञापन देना चाह रहे थे, बाद में एसडीएम अंकिता चौधरी ने पहुंच कर किसानों से ज्ञापन लिया। जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री ने किसानों से आठ दिन का समय मांगा था, जिनमें से चार दिन गुजर गए हैं। ज्ञापन के माध्यम से सीएम को सीधे तौर पर चुनौती दी गई है कि अगर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो परिणाम भुगतने को तैयार रहें। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपना पक्ष रखें। प्रभावित लोगों की लड़ाई नहीं, इसमें विपक्ष भी साथ है। दीपेंद्र ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने एक समय सीमा तय की है तो उन्हें स्वयं अपनी बात को गंभीरता से लेना होगा। झाड़सा 360 के प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि 24 तारीख के बाद बड़ा आंदोलन होगा। इसके लिए सभी तैयार रहें।