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Gurugram News: 68 गांवों के किसानों को 30 किलोमीटर दूर बेचना पड़ रहा अनाज

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17 अक्टूबर 2020 को हरियाणा स्टेट कृषि विपणन बोर्ड को सौंपा था 25 एकड़ भूमि का प्रस्ताव
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राजूद्दीन जंग
नगीना। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड गुरुग्राम की लापरवाही के कारण नगीना उप तहसील के 68 गांवों के किसान अनाज मंडी की सुविधा से वंचित हैं। मजबूरी में उन्हें 25-30 किलोमीटर दूर नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना की अनाज मंडियों में गेहूं, ज्वार, बाजरा, चावल और सरसों बेचनी पड़ रही है। कुछ गांवों के किसानों के लिए मंडियों की दूरी 40 किलोमीटर है। किसानों की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत नांगल मुबारिकपुर ने 17 अक्टूबर 2020 को अनाज मंडी के लिए 25 एकड़ भूमि का प्रस्ताव हरियाणा सरकार को भेजा था, जो पौने 3 वर्ष से फाइलों में धूल फांक रहा है। नगीना क्षेत्र के गांवों में गेहूं, बाजरा और सरसों का बंपर उत्पादन होता है। यहां 21000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर खेतीबाड़ी होती है। नांगल मुबारिकपुर गांव के पूर्व सरपंच जुबेर अहमद ने बताया कि 2020 में 25 एकड़ भूमि का प्रस्ताव अनाज मंडी बनाने के लिए मैंने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड गुरुग्राम के मार्फत हरियाणा सरकार को भेजा था, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पता चला है कि फाइल गायब हो गई है। शुक्र है कि हमारे पास कुछ कागज हैं, अन्यथा यह सरकार हमारे किसानों को झूठा साबित कर देती। नगीना के पूर्व कमांडेंट रघुवीर सिंह, हाजी मोहम्मद हारुन इमाम नगर, पूर्व सरपंच बिलाल, इसराइल का कहना है कि राज्यपाल से मिलकर नगीना तहसील में 68 गांवों में अनाज मंडी खोलने की मांग उठाई जाएगी। वहीं फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, नूंह और तावडू में अनाज मंडी है, केवल नगीना उप तहसील को जानबूझकर हक नहीं दिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ध्यान देना होगा। हरियाणा राज्य कृषि विपणन विभाग के सचिव का कहना है कि 2020 में प्रस्ताव भेजा गया था। नूंह जिला उपायुक्त प्रशांत पंवार ने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी। नगीना तहसील में किसानों को अनाज मंडी दिलाने की कार्रवाई होगी।
कैप्शन: बिलाल, रघुवीर सिंह, इसराइल, हाजी हारून
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