गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम (दक्षिण) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-48 स्थित स्पेस आईटी पार्क में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। यह सेंटर “उमंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड” के नाम पर तुरंत लोन देने का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहा था
।पुलिस ने मंगलवार देर रात छापेमारी कर 11 महिलाओं और 2 पुरुषों सहित कुल 13 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन बरामद हुए जिनका इस्तेमाल ठगी की कॉल्स करने में हो रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
शिवांशी (20), गुरुग्राम
हर्षिता (20), गुरुग्राम
मिताली (19), गुरदग्राम
वंशिका (22), फरीदाबाद
शिक्षा सिंह (19), बहराइच (उप्र)
श्रेया (21), गुरुग्राम
अंजलि (19), कानपुर (उप्र)
प्रियंका (18), गुरुग्राम
प्रीति (23), रायबरेली (उप्र)
आकांक्षा, कानपुर (उप्र)
सलोनी (18), बिजनौर (उप्र)
हिमांशु पाल (22), कन्नौज (उप्र)
प्रिंस कुमार (31), मेरठ (उप्र) - मैनेजर
पूछताछ में पता चला कि यह कॉल सेंटर सितंबर 2025 से चल रहा था और इसे मेरठ निवासी सोहेल नाम का व्यक्ति संचालित करता है। ऑफिस 45,000 रुपये मासिक किराए पर लिया गया था। सभी कर्मचारियों को 15-20 हजार रुपये सैलरी और टारगेट पूरा करने पर 10% अतिरिक्त कमीशन मिलता था।
आरोपी पहले सेल्स एक्जीक्यूटिव की नौकरी का लालच देकर युवाओं की भर्ती करते थे, फिर उनके नाम पर फर्जी केवाईसी करवाकर उन्हीं के जरिए लोगों को कॉल करते थे। लोन के नाम पर पहले 4,700 रुपये “प्रोसेसिंग फीस” और फिर 18-21 हजार रुपये “फाइल चार्ज” के नाम पर वसूल लिए जाते थे।
मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन (दक्षिण) में दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी प्रिंस और हिमांशु पाल को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। बाकी 11 महिला आरोपियों को कल ही केस में शामिल कर लिया गया है। जांच जारी है।गुरुग्राम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लोन, नौकरी या किसी भी तरह के दस्तावेजी शुल्क के नाम पर पहले पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत पुलिस को दें।