गलत इंजेक्शन लगने से युवक की मौत
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डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार का इलाज झोलाछाप डॉक्टरों से कराना महंगा पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला आईएमटी मानेसर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक युवक को बुखार होने पर झोलाछाप डॉक्टर ने गलत दवाएं दे दी, जिससे उसकी मौत हो गई। जान गंवाने वाले युवक की उम्र सिर्फ 20 साल थी। युवक एक निजी कंपनी में काम करता था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी डॉक्टर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।
मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिला के गांव जांदवा निवासी रामअवतार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका भतीजा लीलाधर आईएमटी मानेसर इलाके में स्थित एक निजी कंपनी में काम करता था। वह पास के ही एक पीजी में रहता था। उन्हें 27 सितंबर को एक फोन आया जिसमें बताया गया कि लीलाधर की मौत हो गई है। इसके बाद वह आनन-फानन में गुरुग्राम आए और उन्होंने मोर्चरी से अपने भतीजे का शव प्राप्त कर अंतिम संस्कार कराया।
बाद में वह उस पीजी में गए, जहां लीलाधर रहता था। वहां जाने पर पता चला कि लीलाधर को 26 सितंबर को बुखार आया था। उसने पास में ही रहने वाले डॉक्टर फईम से दवाएं ली थीं। रामअवतार ने आरोप लगाया कि डॉक्टर फईम के पास मेडिकल की कोई डिग्री नहीं थी बावजूद उसने लीलाधर को दवाएं दे दी। गलत दवा खाने से उसकी तबीयत और बिगड़ गई और मौत हो गई। शिकायत के आधार पर आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने मूल रूप से यूपी के अमरोहा निवासी आरोपी फईम को बुधवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया।
शव सड़क पर फेंका:
राम अवतार ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि लीलाधर की मौत के बाद इसकी सूचना परिजनों को देने की बजाय आरोपी डॉक्टर अपने साथी सुभान की मदद से उसके शव को सड़क किनारे फेंककर चला गया। आरोपी फईम को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। नईम से पूछताछ के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।