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Gurugram News: यूएसए के लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

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फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, संचालक सहित दस गिरफ्तार
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सेक्टर-84 में पुलिस ने की कार्रवाई, 10 लैपटॉप और पांच मोबाइल बरामद


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर थाना ईस्ट पुलिस ने यूएसए के लोगों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए संचालक सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कस्टमर सर्विस के नाम पर विदेशियों से ठगी करते, इसके बाद टोल फ्री नंबर ही बदल देते। मौके से 10 लैपटॉप और पांच मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। एक दिन पहले भी पुलिस ने शहर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

एसीपी साइबर प्रियांशु दीवान ने बताया कि साइबर थाना ईस्ट पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर को सूचना मिली कि सेक्टर-84 स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर से विदेशी नागरिकों को कस्टमर सर्विस देने के नाम पर ठगा जा रहा है। जिस पर एसीपी क्राइम विपिन अहलावत के नेतृत्व में एक टीम ने छापामार कॉल सेंटर संचालक यादवेंदर, पीयूष अरोड़ा, आनंद शर्मा, रॉबिन सिंह, राहुल सिवाच, साहिल, निशांत, हरवीन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह और पवन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम मानेसर में केस दर्ज किया गया।
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अकाउंट हैक होने का फर्जी मैसेज भेजते आरोपी


कॉल सेंटर संचालक यादवेंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह नौ कर्मचारियों के साथ फर्जी काल सेंटर चला रहा था। सभी को कस्टमर सर्विस के लिए सैलरी/कमीशन पर रखा था। आरोपी डॉयलर/एक्स-लाइट के टोल फ्री नंबर पर आने वाली कॉल को सुनते हैं और टॉकयू ऐप से यूएसए के लोगों को निशाना बनाते। उनके पास अमेजन, पेपल या एचपी प्रिंटर का ऑर्डर करने व अकाउंट हैक होने का फर्जी मैसेज भेजते। वहीं अलग-अलग समस्या बताकर उन्हें गुमराह करते हैं। समस्या को दूर करने के नाम पर ठगी करने के बाद टोल फ्री नंबर को बदल देते थे।
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सौ से पांच सौ डॉलर की ठगी

कॉल सेंटर संचालक ने बताया कि कस्टमर जब उनके द्वारा दिए टोल फ्री नंबर पर कॉल करता है, तब वह कॉल हमारे पास वेंडर के माध्यम से कनेक्ट होती है। कस्टमर की समस्या दूर करने के नाम पर उसके सिस्टम का रिमोट एक्सेस एनीडेस्क, टीम व्यूअर, अल्ट्रा व्यूअर आदि एप्लिकेशन से लेकर उसे वास्तविक बात ना बताकर उसको अन्य समस्या बताकर जैसे (निजी जानकारी का रिस्क, हैकर द्वारा अकाउंट हैक, डिवाइस असुरक्षित व फाइनेंसियल इनफार्मेशन लीक, आदि ) प्रॉब्लम सॉल्व के नाम पर कॉलर के साथ 100 डॉलर से 500 डॉलर की ठगी करते थे। गिफ्ट कार्ड के माध्यम से पेमेंट लिया जाता था।
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