- गर्भवती मजदूरों के चिकित्सीय परामर्श पर भी ध्यान दें
- श्रमायुक्त को दिए व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आने वाले दिनों में गर्मी के भीषण प्रकोप को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने जिले की औद्योगिक ईकाइयों के संचालकों से अपील की है कि वह श्रमिकों के लिए दिन के ठंडे समय में कार्य कराने को प्राथमिकता दें। इसके अलावा कार्यक्षेत्र पर गर्भवती मजदूरों के चिकित्सकीय परामर्श पर भी ध्यान दें। जिला उपायुक्त की ओर से श्रम आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि वह इसको प्राथमिकता से लागू करवाएं।
जिला प्रशासन ने यहां तक कहा है कि अगर एहतियात नहीं बरती गई तो मृत्यु तक हो सकती है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी संस्थान अपने कार्यक्षेत्र पर ठंडा पेयजल उपलब्ध करवाएं। इसके साथ ही प्रयास करें कि श्रमिकों को दिन में दोपहर के समय होने वाले कार्यों से बचाया जा सकें।
इन बातों का रखें ध्यान
- दैनिक कार्यक्रमों की सूची बनाने से पहले रेडियो, टीवी या अखबार से मौसम की जानकारी प्राप्त कर लें
-पर्याप्त मात्रा में जितनी बार संभव हो पानी पिये भले ही उन्हें प्यास ना लगी हो।
- जब भी धूप में घर से बाहर निकले तो हल्के रंगों के ढीले, सूती कपड़े पहनें
- चश्में, छाता, पगड़ी, दुपट्टा, टोपी, जूते या चप्पलों का उपयोग करें।
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वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़े।
उपायुक्त ने लोगों से कहा है कि अपने पालतू जानवरों को छाया में रखें और उन्हें निरंतर पीने का पर्याप्त पानी देते रहें। घर का तापमान रहने के योग्य बना रहे इसके लिए रात में घरों की खिड़कियां खुली रखें। गर्मी के मौसम में वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़े। कोशिश करें कि दिन में 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचा जा सके।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 22 से 26 अप्रैल को कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद मौसम शुष्क रहेगा। - डॉ. मंजीत सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र