गुरुग्राम। विश्व स्ट्रोक दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन और सिविल सर्जन डॉ. अलका सिंह के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रोक के लक्षणों, पहचान और समय पर उपचार के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में बी-फास्ट तकनीक के माध्यम से स्ट्रोक की पहचान के आसान तरीके बताए गए। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रिया शर्मा ने स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। फिजिशियन डॉ. काजल कुमुद ने बताया कि स्ट्रोक विश्वभर में विकलांगता का प्रमुख कारण है और भारत में हर एक लाख लोगों पर औसतन 145 मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत स्ट्रोक से बचाव संभव है यदि लोग उच्च रक्तचाप, धूम्रपान और मधुमेह जैसे जोखिम कारकों को नियंत्रित करें। कार्यक्रम में ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, योग सत्र और आहार संबंधी परामर्श भी दिया गया। एनसीडी टीम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद