मानेसर। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच डायरिया के मामलों को रोकने के लिए मानेसर के नखडौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य केंद्र की ओर से लोगों को खान-पान और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर डायरिया के मरीजों के लिए ओआरएस की सुविधा भी तैयार रखी है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी को पूरा किया जा सके। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. तरुण चोपड़ा ने बताया कि गर्मी और उमस के मौसम में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है। डायरिया होने पर बच्चों को कमजोरी, उल्टी, दस्त और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। संवाद