पटौदी। गांव बलेवा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल, दो लेक्चरर व दो टीजीटी अध्यापक के पद पर सरकार द्वारा रोक लगाए जाने पर ग्रामीणों ने सुबह ताला जड़ दिया। बाद में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. धर्मपाल ने पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे उनकी बात को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देंगे। उसके बाद ही नाराज ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोला और बच्चे अंदर जा सके।
गांव के लोग सुबह स्कूल खुलने के बाद साढ़े सात बजे ही पहुंच गए और स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद तो ग्रामीण व विद्यार्थी स्कूल के बाहर ही धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि सरकार ने गांव के स्कूल की प्रिंसिपल, दो लेक्चरर व दो टीजीटी अध्यापक की पोस्ट पर रोक लगा दी, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान बच्चे स्कूल से बाहर बैठकर अपनी पढ़ाई करने लगे।
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खंड शिक्षा अधिकारी को बुलाने पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीण इसी बात पर अड़े रहे कि जब तक जिला शिक्षा अधिकारी गांव में पहुंचकर उन्हें आश्वासन नहीं देते तब तक स्कूल को नहीं खोलेंगे। लगभग ढाई घंटे बाद खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. धर्मपाल गांव में पहुंचे और ग्रामीणों की बात सुनी। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों को ग्रामीणों की मांगों से अवगत करा देंगे। प्राचार्य की पोस्ट पर रोक के संबंध में ग्रामीणों ने पत्र सौंपा जिसे खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. धर्मपाल ने विश्वास दिलाया कि सौंपे गए पत्र को तुरंत उच्चाधिकारियों को भेज देंगे।
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मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर जड़ेंगे ताला
ग्रामीणों ने कहा कि अगर सोमवार तक प्रिंसिपल की पोस्ट पर रोक नहीं हटी तो मंगलवार को फिर से विद्यालय में ताला जड़ दिया जाएगा। इस मौके पर गांव के पूर्व जजपा हल्का अध्यक्ष राजेश बलेवा, भूपेंद्र बलेवा, एसएमसी चेयरमैन महेन्द्र सिंह, राकेश कुमार, पूर्व सरपंच सुनीता देवी, दिनेश कुमार, रतीराम, अशोक नम्बरदार, भगवान सिंह, शिवलाल, गणेशी लाल, राजकुमार, रामकिशन, रामसिंह, भागमती समेत अन्य लोग मौजूद रहे।