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ED Arrest: बिहार के पूर्व सीएम लालू के नजदीकी अमित कल्याल को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने रिमांड पर भेजा

Wed, 19 Nov 2025 09:19 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम

सार

ईडी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के नजदीकी माने जाने वाले रियल एस्टेट कारोबारी अमित कत्याल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद विशेष पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।
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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई।
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम की टीम ने मेसर्स एंगल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी और प्रमोटर/निदेशक अमित कत्याल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 17 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। अमित कत्याल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार के करीबी माने जाते हैं। उन्हें विशेष अदालत (पीएमएलए), गुरुग्राम के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद, अदालत ने आरोपी को छह दिनों की हिरासत में भेज दिया। 

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ईडी ने गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर गुरुग्राम में सेक्टर-70 स्थित 14 एकड़ भूमि पर स्थित क्रिश फ्लोरेंस एस्टेट नामक एक परियोजना में फ्लैटों की डिलीवरी नही देने के आरोपों पर जांच शुरू की। एफआईआर में कई अनुसूचित अपराधों का आरोप लगाया गया। ईडी की जांच से पता चला है कि अमित कत्याल ने एक अन्य डेवलपर से धोखाधड़ी से लाइसेंस प्राप्त किया और डीटीसीपी हरियाणा से लाइसेंस मिलने से बहुत पहले ही संभावित खरीदारों से धन एकत्रित करना शुरू कर दिया था। इस गतिविधि से कुल अपराध आय (पीओसी) 300 करोड़ रुपये से अधिक थी। यह परियोजना 10 साल से अधिक समय तक अधूरी रही, जिसमें केवल तीन टावरों का निर्माण हुआ, लेकिन वे पूरे नहीं हुए। परिणामस्वरूप घर खरीदारों के संघ द्वारा दिवालियापन की कार्रवाई शुरू कर दी। 

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि अमित कत्याल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बनाई गई एक परियोजना में तीसरे पक्ष को कई धोखाधड़ी वाली बुकिंग की थीं और धन का अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया था, जिस कारण वह परियोजना रुक गई। जांच में पाया कि अमित कत्याल ने दिवालियापन की कार्रवाई के दौरान 130 करोड़ रुपये मूल्य की दो एकड़ लाइसेंस प्राप्त जमीन का एक हिस्सा कम मूल्यांकित दरों पर तीसरे पक्ष को हस्तांतरित कर दिया, जोकि आईबीसी के तहत कानून की प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग है।
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ईडी की जांच में सामने आया कि एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से लिए गए महत्वपूर्ण ऋणों को धोखाधड़ी वाले लेनदेन के माध्यम से डायवर्ट किया गया और बैंक को करीब 80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अमित कत्याल गुरुग्राम पुलिस, दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज कई एफआईआर में भी आरोपी हैं। वे गुरुग्राम के सेक्टर-63 स्थित कृष वर्ल्ड प्रोविंस एस्टेट आदि जैसी अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह की कार्यप्रणाली के आरोपी है। ईडी की टीम मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। 

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