गुरुग्राम। डीसी अजय कुमार ने आमजन से कहा कि सड़क दुर्घटना के समय गोल्डन आवर में दी गई त्वरित सहायता किसी की जान बचा सकती है और ऐसे में आगे आने वाले राह-वीरों (नेक आदमी) को किसी भी प्रकार के डर या कानूनी झंझट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134ए के तहत अधिसूचित गुड समैरिटन नियमों के अनुसार दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को न तो हिरासत में लिया जा सकता है, न उससे जबरन व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा सकती है और न ही उसे अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाया जा सकता है। संवाद