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Gurugram News: विस्थापितों ने बढ़ी हुई राशि के आदेश को निरस्त करने की मांग

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-एचएसवीपी ने बढ़ी हुई कीमतों के अनुंसार राशि मांगी
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-द्वारका एक्सप्रेसवे की जद में आए मकानों के बदले दिए गए थे प्लॉट
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्लॉट की बढ़ी हुई राशि को जमा करने के आदेश को निरस्त करने की मांग द्वारका एक्सप्रेसवे के विस्थापितों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से की है। इसको लेकर विस्थापितों ने सेक्टर-110ए के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूर्व ओएसडी जवाहर यादव से मुलाकात की।
एचएसवीपी ने विस्थापितों को जमीन की बढ़ी हुई कीमतों के अनुंसार 56,618. 29 प्रति वर्ग मीटर की राशि देने को कहा गया है। जिन्हें द्वारका एक्सप्रेस वे पर जमीन आने के कारण बदले में सेक्टर-110ए में प्लॉट दिए गए थे। लोगों ने प्लॉट की कीमतों की इस बढ़ी हुई राशि के आदेश वापस लेने को लेकर हशविप्रा के एस्टेट अफसर-वन से भी मुलाकात की थी।
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प्रतिनिधियों का कहना है कि वे बढ़ी हुई राशि देने में असमर्थ हैं। द्वारका एक्सप्रेस वे बनने के दौरान उनके घर और जमीन इसके दायरे में आ गए थे। सरकार से इसके बदले में जमीन को लेकर उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी ने फाइनल टर्म सेटलमेंट योजना के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे विस्थापित निवासियों को मकान के बदले में सेक्टर-110ए में प्लॉट दिए थे। वर्ष 2015 की इस सेटलमेंट योजना को वर्ष 2017 में कार्यान्वित किया गया था। लोगों ने पैसे की बढ़ी हुई मांग को निरस्त करने की मांग की है।
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यह है पूरा मामला
द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए करीब 450 प्लॉट लोगों से लिए गए थे। इसमें बहुत सारे निर्मित घर भी शामिल थे। उसके बदले में सरकार ने उन्हें सेक्टर 110ए में प्लॉट दिए थे। अब उन प्लॉटों की बढ़ी हुई कीमत की राशि की मांग हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने द्वारका एक्सप्रेसवे के विस्थापितों से की है। करीब 100 विस्थापितों के पास ऐसे पत्र आए हैं और उन्हें करीब 56 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक चुकाने के लिए कहा गया है।
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