बीके अस्पताल में नहीं बदल रहे चादरें, गंदे गद्दे पर सो रहे मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड गंदगी का अड्डे बढ़ते संक्रमण के बीच मरीजों को बिना बेड शीट और गंदगी में रखा जा रहा है, इससे ठीक होने की बजाय बीमारी बढ़ने का खतरा अधिक हो गया है। शिकायत के बाद भी इमरजेंसी में साफ-सफाई नहीं हो रही है।
सरकारी अस्पतालों को साफ-सुथरा बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को हर दिन नया व धुला चादर मुहैया कराने का निर्देश दिया है। आदेश तो हर दिन नए रंग की चादर बिछाने के है, लेकिन जिला अस्पताल में इसका पालन नहीं हो रहा है। हर दिन चादर बदलने की बात तो कोसों दूर है, यहां इमरजेंसी वार्ड में बेड पर मरीज को बगैर चादर बिछाए ही लिटा दिया जा रहा है। इसके अलावा गंदे चादर पर मरीज सो रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। बार-बार मांग करने के बाद सुनवाई की बजाय मरीजों पर कर्मचारी झुंझला पड़ते हैं।
फर्श पर खून, शिकायत के बाद भी सफाई नहीं
जिला नागरिक अस्पताल में आपातकालीन वार्ड-2 में मरीजों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सोमवार को इमरजेंसी परिसर पर खून की बूंद जगह-जगह दिखाई दीं। मरीजों ने बताया कि इमरजेंसी कहने मात्र है, सुबह से परिसर में खून है, लेकिन सफाई नहीं की जा रही है। कई बार नर्सिंग स्टाफ से शिकायत की जा चुकी है, सुनवाई नहीं हो रही है। इमरजेसी-2 में मरीजों ने पेशाब कर दिया। करीब चार घंटे बीत जाने के बाद भी चादर नहीं बदली गई। बदबू के कारण अन्य मरीजों को परेशानी हो रही थी, बुजुर्ग भी गंदगी से परेशान नजर आई। डिप्टी सीएमओ डॉ. गजराज ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को हिदायत दी गई हैं कि इसे लेकर गंभीरता बरते। ऐसा दोबारा मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से बातचीत
अस्पताल में बुरा हाल है। इमरजेंसी वार्ड में सुबह से गंदगी पसरी हुई है। सामान्य वार्ड कि स्थिति का अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं।
- आरती, मरीज के परिजन
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घुटनों में दर्द है, उठने बैठने में सक्षम नहीं हूं। दो दिनों से अस्पताल में भर्ती हूं, चादर भी नहीं दिया गया है, बदबू से बुरा हाल हो रहा है।
-सुभाष कुमार, मरीज