गुरुग्राम। सरस मेले में 31 राज्यों के 50 स्टॉलों में स्वादिष्ट व्यंजन लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। यहां स्वाद के संगम का अनोखा मेला लगा है। मेले में महाराष्ट्र राज्य का स्टॉल काफी चर्चा में है। इस स्टॉल पर उल्टा वड़ापाव खाने के लिए खूब भीड़ उमड़ रही है। स्टॉल की कुक वंदना मांडरे बताती हैं कि व्यंजन मांडा स्टॉल की विशेषता है। इसे मिट्टी के घड़े को भट्ठी पर चढ़ाकर बनाया जाता है। स्टॉल में पूरन पोली, कोथिम्बीर वड़ी, बड़ा पाव, मिस्सल पाव, भारित भाखरी और बैंगन का भर्ता और बाजरे की रोटी लोगों को खूब पसंद आ रही है।
बगल में उत्तराखंड राज्य के स्टॉल पर उधमसिंह नगर से आईं काजल अपनी मां के साथ मिलकर कई लजीज पहाड़ी व्यंजन बना रही हैं। स्टॉल पर पहुंचने वाले बच्चे हो या बड़े सभी की पहली पसंद पहाड़ की नूडल्स आईस्क्रीम है। उत्तराखंड की प्रसिद्ध जंगोर की खीर चखने के लिए भीड़ रहती है। स्टॉल पर रागी के मोमोज, तंदूरी चाप व स्प्रिंग रोल युवाओं को खूब भा रहे हैं।
ओडिशा राज्य के स्टॉल पर रुमाली रोटी को बनाने का तरीका देखकर लोग इस ओर आकर्षित हो रहे हैं। साथ ही यहां बनाए जा रहे काकरा, मोंडा, रुमाली वेज रोल, जैसे लजीज व्यंजनों को लोग बड़े चाव से खा रहे हैं। ऐसे ही लिट्टी चोखा खाना, पाव भाजी, डोसा व इडली आदि जैसे प्रसिद्ध व्यंजनों के लिए चखने के लिए राज्यों के स्टॉल पर लोग परिवार व दोस्तों के साथ पहुंच रहे हैं।
नागपुर से आई ऑरगेनिक काली किशमिश व मूंगफली की चपटनी
नागरपुर की रेशमा शक्ति दिव्यांग सहायता समूह में 20 से अधिक महिलाओं के साथ मिलकर तीन साल से दो एकड़ जमीन पर ऑरगेनिक काली किशमिश का उत्पादन कर रही हैं। उनका महाराष्ट्र राज्य की गैलरी में स्टाॅल लगा है। वे बताती है कि मिलेट, रोस्टेड ज्वार-बाजरा, कई फ्लेवर में रोस्टेड बनाना उनके उत्पादों में प्रमुख हैं। उनके पड़ोस में स्टॉल लगाए पांडू रंगा बोपड़े ने बताते हैं कि गाय के गोबर व प्रयोगशाला में तैयार बैक्टीरिया की मदद से काली किशमिश तैयार की जाती है। सामान्य किसान किशमिश को सुखाने के लिए सल्फर का प्रयोग करते हैं जिससे शरीर को नुकसान पहुंचता है।
सरस मेले में काठ के रामलला मोह रहे मन
मेले में लकड़ी के रामलला, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, सजावट का सामान के अलावा गहने, परिधान और डिजाइनदार दीये आदि की खूब लुभा रहे हैं। यह सारा सामान लखपति दीदियों ने आपने हाथों से बनाकर तैयार किया है। गुजराती की पारुल देवी के स्टाॅल में छोटे-छोटे मनकों से बनाई गई बंदनवार, चौकी, कलश, मटका, शृंगार का सामान, कान्हा का झूला, बैलगाड़ी, पूजा की थाली, मां लक्ष्मी की चरण पादुकाएं अपनी ओर ध्यान खींचतीं हैं।