नूंह। करीब एक लाख करोड़ की लागत से बनाया गया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मेवात क्षेत्र से टूटने लगा है। फिरोजपुर झिरका के अंतर्गत महूं गांव के समीप बना हुआ एक्सप्रेसवे के पुल का लेंटर बुधवार को अचानक टूटकर नीचे गिरने लगा। जैसे ही लोगों ने अचानक पुल को टूटता हुआ देखा तो अफरातफरी मच गई। लोगों ने कहा कि जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुल को टूटकर गिरता हुआ देख लोग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को बनाने वाली कंपनी और ठेकेदारों को कोसते हुए नजर आए। लोगों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा महूं गांव के पुल में घटिया सामग्री लगाई गई, जिसका परिणाम चार महीने के अंदर ही देखने को मिल गया।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का बीती 12 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। आरोप है कि एक्सप्रेसवे को बनाने वाली कंपनी और ठेकेदारों ने अपनी जेब भरकर अधिक मुनाफा कमाने की एवज में महूं गांव के पुल में घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग किया। महूं निवासी जुबेर सरपंच, खैरुद्दीन, शगीर, शहाबुद्दीन का कहना है कि ठेकेदारों ने अपनी कमाई करने के लालच में घटिया सामग्री लगाकर केंद्र सरकार को चूना लगाने का काम किया है। संबंधित कंपनी को तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। पुल का लेंटर टूटने से न केवल निर्माण कंपनी पर सवालिया निशान उठ रहे हैं, बल्कि इस काम को कराने वाली सरकारी एजेंसियां भी संदिग्ध हो गई हैं। लोगों ने सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की है। इस बारे में विधायक आफताब अहमद ने कहा कि वर्तमान सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
चित्र परिचय: 1, महूं गांव के समीप टूटा पुल