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Gurugram News: अदालत में पेश होने वाले आरोपियों के फिंगर प्रिंट का तैयार हो रहा डाटा

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फिंगर प्रिंट लेते ही अपराधी का खुल जाता है पूरा रिकॉर्ड, आगे-पीछे वारदात में शामिल होने का भी होता है खुलासा
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गुरुग्राम, पटौदी, सोहना की अदालत में रोजाना औसतन 80 से अधिक आरोपियों का लिया जाता है फिंगर प्रिंट

मयंक तिवारी
गुरुग्राम। वारदात को अंजाम देकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर अपराध करने वालों के राज खुलासा अब फिंगर प्रिंट के माध्यम से होगा। पुलिस की ओर से राष्ट्रीय स्वचालित अंगुल छाप पहचान प्रणाली के तहत अपराधियों का डाटा तैयार किया जा रहा है। इस प्रणाली के चलते जैसे ही अपराधी का रिकार्ड दर्ज होता है। वैसे ही उसकी ओर से की गई वारदात की जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाती है।

इस प्रणाली के तहत यदि किसी वारदात में आरोपी पकड़ा नहीं गया है और उसे दूसरे राज्य की पुलिस ने गिरफ्तार किया है तो उसके फिंगर प्रिंट से मिलान ऑटोमेटिक हो जाएगा। पुलिस की ओर से क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के तहत इसे मजबूत किया जा रहा है। अदालत की ओर से आराेपी को पेश करने से पहले उसका फिंगर प्रिंट कराया जाता है। इसके बाद उसकी इस रिपोर्ट को जांच अधिकारी फाइल में लगाता है।
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सुपर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की कमिश्नरेट में हुई तैनाती

क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की ओर से तीन साल का प्रशिक्षण लेने वाले सोनू को पंचकुला में तीन साल का प्रशिक्षण लेने के बाद कमिश्नरेट में तैनात किया गया है। इनके पास फरीदाबाद कमिश्नरी का भी जिम्मा है। सीन ऑफ क्राइम के दौरान अगर फिंगर प्रिंट लेने में किसी तरह की परेशानी आ रही है तो इसमें सुपर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी। डीसीपी क्राइम विजय प्रताप की ओर से सभी क्राइम ब्रांच के प्रभारी , थाना प्रभारी व फाॅरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को इसका निर्देश दिया गया है कि वह सुपर एक्सपर्ट की मदद लें।

हर थाने में तैयार किए जाएंगे सुपर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट

कमिश्नरेट में तैनात नए सुपर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बैठने के लिए सीआरओ ब्रांच का चयन किया गया है। हर थाने से एक-एक सिपाही को उनके साथ जोड़ा जाएगा। उनको प्रशिक्षित करने के बाद और लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि आने वाले समय में अगर कोई वारदात होती है तो एक के भरोसे न रहा जा सके।
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इसे भी जाने

: गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए तैनात हुए सुपर फिंगर प्रिंट एक्स्पर्ट।
: अदालत में गिरफ्तार आरोपी का पहले लिया जाता है फिंगर प्रिंट।
: दिल्ली और भुवनेश्वर में तैयार हो रहा है कंट्रोल रूम में डाटा।
: जिला अदालत में रोजाना औसतन 80 लोगों के लिए जाते हैं फिंगर प्रिंट।
: इस टेक्नोलॉजी से अपराध पर अंकुश और वारदात का हो रहा है खुलासा।




वर्जन


पुलिस की ओर से अपराधियों के ज्यादा से ज्यादा फिंगर प्रिंट लेने की योजना है। इसके द्वारा तैयार होने वाले रिकार्ड के आधार पर अपराधियों पर अंकुश लगेगा। सुपर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट से अन्य जवानों को प्रशिक्षण दिलाने की योजना है। - विजय प्रताप सिंह डीसीपी क्राइम, गुरुग्राम।
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