जमीन व रुपयों के लेनदेन में डीएलएफ फेज-5 निवासी व्यवसायी विनोद शर्मा की मौत मामले में राज्य अपराध ब्यूरो की याचिका पर बृहस्पतिवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आकृति वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई।
अदालत में विनोद शर्मा के करीबी एवं मामले के गवाह मुसाफिर ने अपने पॉलीग्राफी टेस्ट की मंजूरी दे दी है। उधर, मृतक की पत्नी मीनू शर्मा ने अदालत से पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मोहिंद्र सेठी की पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने की मांग की, जिसकी मंजूरी दे दी गई। अपराध शाखा जल्द दोनों का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाएगी।
मीनू शर्मा व मुसाफिर की अधिवक्ता डॉ. अंजू रावत नेगी ने बताया, विनोद शर्मा ने अपने कार्यालय सेक्टर-57 में 4 जुलाई को खुद को गोली मार ली थी। इलाज के दौरान 7 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया था। पुलिस को सुसाइड नोट मिला था।
पुलिस ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी की फुटेज को कब्जे में लिया था। विनोद की पत्नी ने आरोप लगाया कि पति ने डीसीपी मोहिंद्र सेठी के दबाव में आत्महत्या की। डीसीपी का नाम आने के कारण पुलिस जांच को एकतरफा किया जा रहा था।
मीनू ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से सीबीआई जांच करवाने की मांग की थी। जिस पर जांच को राज्य अपराध ब्यूरो को भेज दिया गया था। राज्य अपराध ब्यूरो ने अदालत में याचिका दायर कर विनोद शर्मा के करीबी एवं गवाह मुसाफिर की पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने की अनुमति मांगी थी। इस पर मीनू ने मोहिंद्र सेठी का भी पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने की अनुमति मांगी थी। जिसकी मंजूरी दे दी गई है।