पुलिस आयुक्त से की अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश
क्रॉसर..
- नेग्लिजेंसी बोर्ड ने अल्ट्रासाउंड सेंटर को ठहराया था बच्चे की मौत का जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर शिकायतकर्ता ने पुलिस आयुक्त से सोहना स्थित अल्ट्रासांउड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच के बाद नेग्लिजेंसी बोर्ड ने अल्ट्रासाउंड सेंटर को ही बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराया था। जिसके बाद अब पीड़ित पिता ने इंसाफ के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सोहना के अलीपुर निवासी हीरानंद के मुताबिक सितंबर 2017 में उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी का सोहना स्थित गोयल अल्ट्रासाउंड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया था। 3 महीने की गर्भवती अवस्था में हुए अल्ट्रासाउंड में सेंटर द्वारा उन्हें कोख में एक बच्चा होने की रिपोर्ट दी गई थी। उसके बाद जनवरी 2018 में उन्होंने अपनी पत्नी का पुन: अल्ट्रासाउंड करवाया, उस समय भी उन्हें गर्भ में एक ही बच्चा होने की बात कही गई थी। डिलीवरी के लिए महिला को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर ही महिला की डिलीवरी करवा दी। जिसके बाद उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। हीरानंद ने बताया कि थोड़ी देर बाद ही महिला को फिर दर्द होने लगा। डॉक्टर ने जांच की तो कोख में दूसरा बच्चा होने की बता पता चली, लेकिन समय ज्यादा होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई।
इस मामले में हीरानंद ने जनवरी माह में मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड को अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ लापरवाही की शिकायत दी थी। जिस पर हुई जांच में भी बोर्ड ने अल्ट्रासाउंड सेंटर को कसूरवार पाया था। नेग्लिजेंसी बोर्ड की शिकायत पर अब पीड़ित ने अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ पुलिस से मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।
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