गुरुग्राम। रुपये लेने के छह साल बाद भी बिल्डर ने फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया। इस मामले में पीड़ित की याचिका पर अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सदर थाना पुलिस के अनुसार सेक्टर-14 निवासी सुनील शर्मा ने अदालत में दायर याचिका में बताया कि उन्होंने 2012 में वालनट इंफ्रास्ट्रक्चर के नीमराणा राजस्थान के प्रोजेक्ट अरावली सिटी में निवेश किया था।
इसमें कुल राशि की 50 फीसदी राशि प्रोजेक्ट में काम के दौरान देनी थी, शेष फ्लैट पर कब्जा मिलने के बाद देनी थी। बुकिंग के समय 28 अगस्त 2012 को उन्होंने एक लाख रुपये देकर वालनट इंफ्रास्ट्रक्चर के सेक्टर-47 आईएलटी टावर कार्यालय में बुकिंग करवाई थी।
इसके बाद उसने समय-समय पर 3.72 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके बाद जब वह मौके पर गए तो उन्हें वहां निर्माण कार्य ही नहीं मिला। उन्होंने कंपनी के निदेशक कुणाल पुरी व उपाध्यक्ष मोहित शर्मा को फोन कर बात की, लेकिन उन्होंने कोई भी संतोषजनक जवाब देने की बजाय बहानेबाजी शुरू कर दी।
इसी दौरान उन्हें पता लगा कि कंपनी के इस प्रोजेक्ट की जमीन पर कोई विवाद भी चल रहा है। लिहाजा उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने रुपये वापस करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।