कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में पीड़ित परिवार
प्रॉपर्टी डीलर विनोद शर्मा सुसाइड मामला
मृतक की पत्नी का आरोप-पुलिस जांच की बजाय मामला लटका रही
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रॉपर्टी डीलर विनोद शर्मा खुदकुशी मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन सीबीआई जांच को लेकर अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। मृतक की पत्नी का आरोप है कि पुलिस मामले की जांच की बजाय मामला लटका रही है। इस मामले में वे मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेगी।
शुक्रवार को इस संबंध में पीड़ित परिवार के लोगों ने मंडलायुक्त डी सुरेश से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पुलिस में नियुक्त डीसीपी स्तर के अधिकारी ने विनोद शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाया। मृतक की पत्नी मीनू शर्मा ने बताया कि मामले की पुलिस विभागा से जांच की बजाय सीबीआई से जांच नहीं कराने तक वे इसका विरोध करते रहेंगे। हालांकि मंडलायुक्त ने पीड़ित परिजनों को मामले को आला अधिकारियों के संज्ञान में रखने की बात कही। लेकिन पीड़ित परिजन संतुष्ट नहीं हुए। मृतक की पत्नी मीनू शर्मा ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले को सीबीआई से जांच कराने के लिए टाल रहे हैं। जबकि यह मामला सीबीआई जांच का ही है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में वे कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने की तैयारी कर रही है जिसमें कानून विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। बता दें कि डीएलएफ निवासी प्रोपर्टी डीलर का काम करने वाले विनोद शर्मा ने चार जून को सेक्टर-57 स्थित अपने दफ्तर में खुद को गोली मार ली थी। इस मामले में चार दिन बाद प्रॉपर्टी डीलर की मौत के बाद पुलिस ने मृतक प्रॉपर्टी डीलर के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पुलिस ने दिल्ली निवासी बिजनेसमैन के खिलाफ आत्महत्या के दबाव बनाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। हालांकि, इस पूरे मामले में मृतक प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी मीनू शर्मा ने एक डीसीपी पर दबाव में आत्महत्या कराने का आरोप लगाया है।