राज्य महिला आयोग जल्द ही राज्य के सभी सरपंचों के साथ करेगा बैठक
साइबर क्राइम के लिए स्कूली छात्राओं को किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा राज्य महिला आयोग बाल विवाह जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए अब सरपंचों और निगम पार्षदों का सहयोग लेगा। जल्द ही आयोग प्रदेश के सभी सरपंचों के साथ बैठक करने जा रहा है।
सोमवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा व ऐसी ही अन्य समस्याओं पर विचार मंथन किया। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन कम प्रोहिबिशन अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश में पढ़ी -लिखी पंचायतों व उनमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी होने के चलते हमारी सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि हम बाल विवाह जैसी कुरीतियों से मिलकर लड़ें।
रेनू भाटिया ने बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोग की कार्यप्रणाली व उसमें किए जाने वाले आवश्यक सुधारों का मॉड्यूल तैयार कर आयोग को भेजा जाएगा। महिलाओं के अधिकारों, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ व बाल विवाह जैसे विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हरियाणा में कुल 75 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। जो देश में सबसे अधिक थे।
रेनू भाटिया ने बताया आयोग को वर्ष 2022-23 में दहेज, विवाहेतर संबंधों, बाल विवाह व महिलाओं की साइबर क्राइम से जुड़ी कुल 2246 शिकायतें प्राप्त हुई थी। जिसमें से 1775 का निवारण किया जा जा चुका है। आयोग प्रदेश के स्कूलों में छठी कक्षा से छात्राओं के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। जिसमें उन्हें साइबर क्राइम व बाल विवाह सहित उनके अन्य अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
बैठक के दौरान घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 और डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन कम प्रोहिबिशन ऑफिसर्स की भूमिका को लेकर प्रशिक्षण सत्र भी रखा गया था। इस अवसर पर सीडीपीओ नेहा दहिया, महिला आयोग की अधिवक्ता रितु कपूर, पुलिस इंस्पेक्टर पूनम आदि मौजूद रहीं।