विभाग ने 9 फीसदी ब्याज सहित 1.15 लाख रुपये वापस किए
अदालत के आदेश पर खाता हुआ था अटैच, 65594 रुपये लगाया था जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरग्राम। दस साल पुराने एक बिजली चोरी के मामले में अदालत ने उपभोक्ता को दोष मुक्त करते हुए 9 फीसदी की दर से जुर्माने की राशि अदा करने का आदेश दिया है। 65594 रुपये का जुर्माना हुआ था। अदालत ने जब विभाग का खाता अटैच कर दिया तब विभाग ने उपभोक्ता को ब्याज सहित 1.15 लाख रुपये वापस किए। पैसे वापस करने के बाद विभाग ने अदालत में अपील भी कर दी थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
राजीव नगर की गली नंबर-6 में रहने वाले बदलू राम के यहां पर 6 जून 2013 को बिजली विभाग की टीम पहुंची थी। विभाग ने यहां पहुंच कर मीटर उतारा और 17 जुलाई 2013 को लैब में टेस्ट करने के बाद कहा कि मीटर से छेड़छाड़ की गई है जिसके माध्यम से बिजली चोरी की गई है। उपभोक्ता के अधिवक्ता क्षितिज मेहता ने बताया कि विभाग की ओर से उपभोक्ता पर 65594 रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। कनेक्शन कट जाने के डर से उपभोक्ता ने पैसा जमा करा दिया। इसके साथ ही 20 नवंबर 2015 को स्पेशल कोर्ट में बिजली विभाग के खिलाफ मुकदमा भी दायर कर दिया।
23 जनवरी 2018 को स्पेशल कोर्ट की ओर से कहा गया कि यह मुकदमा सिविल जज के समक्ष रखा जाए। इसके बाद उपभोक्ता की ओर से सिविल जज के यहां पर मुकदमा दायर किया गया। 16 मार्च 2021 को अदालत ने फैसला दिया कि उपभोक्ता को जुर्माने की पूरी रकम 9 फीसदी ब्याज के साथ वापस की जाए। विभाग ने अदालत के आदेश के बाद भी पैसा वापस नहीं किया। फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद अदालत ने विभाग का खाता अटैच करने के आदेश दिए। इसके बाद विभाग ने उपभोक्ता को ब्याज सहित 1.15 लाख रुपये वापस कर दिए। साथ ही फैसले के खिलाफ अपील भी कर दी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।