260 मामलों में 326 गिरफ्तार, 60 अवैध काॅल सेंटरों का किया गया भंड़ाफोड़
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। कमिश्नरेट की पुलिस ने साइबर अपराध को अंजाम देने वालों पर शिकंजा कसा है। आठ माह के भीतर साइबर पुलिस ने पांच करोड़ तीस लाख रुपये ठगों के खातों से जब्त कर पीड़ितों को वापस दिलाए हैं। चार साइबर थानों में दर्ज हुए 260 आईटी एक्ट के मामलों में साइबर थाना पुलिस ने 326 लोगों को गिरफ्तार किया है। 60 अवैध काॅल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया है।
एसीपी साइबर अपराध विपिन अहलावत ने बताया कि चारों साइबर थानाें की पुलिस टीम ने दर्ज होने वाले मामलों में जांच करके आठ माह के भीतर ठगी गई रकम को बैंक में फ्रीज कराया है। उसके बाद आरबीआई की गाइड लाइन के हिसाब से उनको संबंधित खातों में वापस कराया गया है। साइबर थाना पुलिस आने वाली शिकायतों पर ही उनका समाधान करती है। जिन मामलों में जांच के लिए मामला दर्ज करना अनिवार्य होता है, उसे दर्ज किया जाता है। औसतन हर माह कमिश्नरी के चारों साइबर थानों में 35 आईटी एक्ट के मामले दर्ज हो रहे हैं।
रोज मिल रहीं 70 से अधिक साइबर फ्रॉड की शिकायतें
कमिश्नरेट के सभी चार थानों में रोजाना 70 से अधिक शिकायत आती हैं। इसमें किसी से मोबाइल रिचार्ज के नाम पर ठगी होती है तो किसी के साथ विदेश से पार्सल आने की बात कही जाती है। एक गिरोह ऐसा है जिसमें युवती की आवाज होती है, बाद में उसके साथ अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैक मेल किया जाता है। आने वाली शिकायत का निस्तारण कर उसे बंद किया जाता है। कमिश्नरेट के थानों में भी साइबर डेस्क बनाई गई है जिन पर इन शिकायतों को सुना जाता है। मामला गंभीर होने पर उनकी ओर से संबंधित थानों में पीड़ित को भेजा जाता है।
पुलिस की अपील-समय पर दे ठगी की जानकारी
कमिश्नरेट की पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अगर उनके साथ किसी तरह का फ्रॉड हो जाता है तो उसकी सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर दें। अगर पीड़ित की ओर से सूचना समय पर मिल जाती है तो ठगे गए पैसों को आगे निकालने से पहले रोका जा सकता है। मामले में देरी होने पर पुलिस को भी केस हल करने में परेशासी होती है।
साइबर अपराध से बचने का जागरूकता सबसे बड़ा हथियार
जिस तरह से लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे दिन-ब-दिन साइबर अपराध बढ़ेगा। साइबर एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे बचने का सबसे मुख्य तरीका है कि साइबर अपराध के बारे में लोगों को जानकारी होनी चाहिए कि आम आदमी को ठगों से बचने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। साइबर थाना ईस्ट प्रभारी जसबीर कहते हैं कि साइबर टीम जागरूकता को लेकर अभियान चला रही है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। चार साइबर थानों के साथ थानों में भी साइबर डेस्क बनाई गई है। इसके साथ ही सीआईए की साइबर टीम भी ठगी को सुलझाने में मदद करती हैं।
-विकास अरोड़ा, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम