- राजस्थान में स्वास्थ्य का अधिकार बिल पारित करने के विरोध में उतरे
- आईएमए ने बैठक कर रणनीति तैयार की, बिल लागू नहीं होने देने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पड़ोसी राज्य राजस्थान की सरकार के पिछले महीने पारित किए गए स्वास्थ्य का अधिकार बिल (आरटीएच) के विरोधी की आंच हरियाणा तक पहुंच गई है। यहां पर इंडियन मेडिकल एसोसिएसन (आईएमए) इसके खुलकर विरोध में उतर आई है और इसी के चलते मंगलवार को जिले के निजी चिकित्सकों ने एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है।
हड़ताल के संबंध में आईएमए की सोमवार को बैठक हुई जिसमें तय किया गया कि राजस्थान सरकार के इस बिल को लागू नहीं होने दिया जाएगा। यह बिल निजी अस्पतालों पर बोझ लादने की साजिश है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं जर्जर हालत में हैं। अब सरकार अपनी जिम्मेदारी को निजी अस्पतालों पर डालना चाहती है।
शहर में एक अनुमान के मुताबिक 280 निजी अस्पताल हैं। राजस्थान सरकार के इस बिल में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में बिना कोई शुल्क भुगतान के आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठा सकता है। राजस्थान सरकार इस बिल को जनता के हित का बता रही है जबकि निजी अस्पताल इस बिल को राज्य की पूरी स्वास्थ्य प्रणाली को खतरे में डालने वाला कदम बता रहे हैं।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. दीपक भाटिया कहते हैं कि निजी अस्पतालों की सुविधाएं व सभी बीमारियों के इलाज जैसी सुविधा को देखते हुए ये बिल लाया गया है। जिससे सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचकर अपना बोझ निजी अस्पतालों पर डाल सके। हम इसका विरोध करते हैं। बिल को वापस लिया जाए ।
दूसरी ओर स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी नजर है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विरेंद्र यादव कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की हड़ताल को देखते हुए पूरी तरह से तैयार है। हम सभी मरीजों के उपचार व आपातकालीन सेवाओं तैयार रखने के निर्देश दिए है। हमारे चिकित्सक आने वाले सभी मरीजों का उपचार करेंगे।