गुरुग्राम। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को वायु गुणवत्ता अत्यंत चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया। जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है, जिससे सांस की बीमारियों से ग्रसित लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस स्तर की प्रदूषण युक्त हवा में लंबे समय तक रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का मुख्य कारण है। साथ ही, हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही ठहर जाते हैं। वायु प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए दीर्घकालिक और ठोस उपायों की आवश्यकता है। संवाद