जीएमडीए ने किया फैसला, निर्माण स्थानीय लोगों के लिए और भी उपयोगी बन सकेगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में ग्रीन बेल्ट और वॉकवे के निर्माण में नागरिक भी भागीदार बनेंगे। वह अपने सुझाव दें सकेंगे। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने ग्रीन बेल्ट के विकास और लैंडस्केप बनाने की योजना में नागरिकों के सुझाव को शामिल करने का फैसला किया है। इससे निर्माण को स्थानीय लोगों के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही मौजूदा समय में जो ग्रीन बेल्ट है, उनको अतिक्रमण से बचाने के लिए फेंसिंग लगाने की योजना भी बनाई गई है।
दो साल पहले जीएमडीए ने योजना बनाई थी कि वह शहर में 300 किलोमीटर की ग्रीन बेल्ट विकसित करेगा। इस दिशा में अब तक करीब 100 किलोमीटर से ज्यादा ग्रीन बेल्ट विकसित कर ली गई है। अब शहर में अन्य स्थानों पर भी ग्रीन बेल्ट और वॉकवे के विकास के लिए विस्तृत योजना बना रहा है। प्राधिकरण की कोशिश है कि उस क्षेत्र की अनुकूलता के अनुसार पौधों और वृक्षों की विशिष्ट प्रजातियों की कर के पहचान उन्हें लगाया जाएं। गैर मोटोराइज्ड यातायात के लिए भी बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाए। विकास योजना में पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए भी जगह होनी चाहिए।
उपचारित पानी से होती है ग्रीन बेल्ट की सिंचाई
प्राधिकरण ग्रीन बेल्ट को हरा भरा बनाए रखने में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर उपचारित किए गए पानी का इस्तेमाल करता है। उपचारित पानी के इस्तेमाल से शहर में हरियाली भी बनी रहती है और इस्तेमाल किए गए पानी का फिर से उपयोग भी हो जाता है। इस प्रकार यह ग्रीन बेल्ट एक साथ कई उद्देश्यों को पूरा करती हैं। इनसे प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलती है।
निर्देश दिए हैं कि ग्रीन बेल्ट के क्षेत्र में बार-बार अतिक्रमण को रोकने के लिए, ग्रीन बेल्ट के साथ फेंसिंग लगानी चाहिए। इसके साथ ही अनाधिकृत निर्माण को हटाने के लिए जीएमडीए, नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) अधिकारी संयुक्त अभ्यास करें- पीसी मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमडीए