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चिंटेल्स: अदालत ने बिल्डर को लगाई फटकार

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अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में रहने के लिए असुरक्षित की गई टावरों के मुआवजे और पुनर्वास को लेकर दायर की गई याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने बिल्डर को पूर्व में दिए गए नोटिस का जवाब नहीं देने पर फटकार लगाई और अगले छह दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 20 मार्च तय की है।

इससे पहले सोसाइटी के निवासियों की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पक्ष रखा। जबकि बिल्डर पक्ष की ओर से अदालत में आत्माराम नादकरनी पहुंचे। बिल्डर पक्ष के अधिवक्ता ने मुआवजे के तौर पर 5500 रुपये प्रति वर्ग स्क्वायर फीट की दर से मुआवजा देने की पेशकश की। इस पर निवासियों की ओर से प्रशांत भूषण ने कहा कि सोसाइटी के आसपास बाजार दर 12 हजार से 15 हजार रुपये प्रति स्क्वायर फीट है। दी जाने वाली दर और बाजार दर में बहुत अंतर है। अदालत ने बिल्डर पक्ष से डी, ई और एफ टावर के विस्थापितों के पुनर्वास की योजना मांगी। इस पर बिल्डर पक्ष की ओर से कहा गया कि प्रभावित निवासियों को कहीं और रहने के लिए किराया दिया जा रहा है। निवासियों की ओर से अदालत से घर के बदले घर देने की मांग की गई। सर्वोच्च अदालत अब इस मामले की सुनवाई 20 मार्च को करेगी।
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सोसाइटी की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राकेश हुडा कहते हैं कि बिल्डर पक्ष अदालत को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। बिल्डर पक्ष ने कहा कि डी टावर के सभी दावों का निस्तारण कर दिया गया है। जबकि केवल तीन मामले ही निस्तारित किए गए हैं। इसका भी अदालत में जवाब दिया जाएगा।
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