गुरुग्राम। चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में हुए हादसे को 10 मार्च को एक महीना हो रहा है, लेकिन अभी तक सोसाइटी के लोगों के सामने समस्याएं बनी हुई हैं। हादसे का शिकार हुए डी-4 टॉवर के अलावा अन्य टॉवरों, ई, एफ, जी और एच में भी खामियां पाई गईं, उनको भी रहने के लिए सुरक्षित नहीं माना गया। इन टॉवरों में रहने वाले फ्लैट खाली कर रहे हैं, लेकिन किराये को लेकर बिल्डर के साथ सहमति नहीं बन पाई है। पुनर्वास के संबंध में यहां के रहने वाले दो प्रस्ताव अस्वीकार कर चुके हैं, जबकि तीसरे प्रस्ताव पर 11 मार्च तक अपनी ओर से विकल्प बताने का समय डीटीपी प्रवर्तन की ओर से दिया गया है। यहां रहने वाले कहते हैं कि अधिकांश सोसाइटी वाले अपने फ्लैटों के संबंध में वन टाइम समाधान चाहते हैं। इसी विकल्प की ओर अधिक झुकाव है। सोसाइटी के लोगों की एक परेशानी यह भी है कि बिल्डर के द्वारा उन फ्लैट मालिकों को तो किराया देने की बात कही जा रही है, जो यहां फ्लैटों में रहते हैं। लेकिन वह फ्लैट मालिक जिन्होंने अपने फ्लैट किराए पर दे रखे थे, उनको किसी तरह की राहत बिल्डर की ओर से नहीं दी जा रही है, जबकि इनके किराएदार खाली करके चले गए हैं। ऐसे में फ्लैट की मासिक किस्त भी इन फ्लैट मालिकों पर बोझ बन गई है।
घटना के बाद कुछ अहम तारीखें
10 फरवरी- सोसाइटी की डी टावर में फ्लैट की छत गिरने से हादसा हुआ, दो महिलाओं की मौत हुई
11 फरवरी- सोसाइटी के बिल्डर अशोक सोलोमन और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया
12 फरवरी- सोसाइटी के लोगों ने हादसे की सीबीआई जांच की मांग उठाई, बिल्डर की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
14 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोसाइटी के टॉवरों की संरचनात्मक जांच कराए जाने के आदेश दिए।
18- फरवरी- आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम चिनटेल्स सोसाइटी पहुंची
19 फरवरी- सोसाइटी की टावर ई, एफ, जी और एच से आईआईटी दिल्ली की टीम ने नमूने लिए
2 मार्च- कक्षा 11 में पढ़ने वाले छात्र ने हादसे के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार की
6 मार्च- आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम एक बार फिर से सोसाइटी पहुंची और टावर ई, एफ, जी और एच का निरीक्षण किया।
8 मार्च- जिला प्रशासन ने चिनटेल्स समूह के सभी प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर रोक लगाई।